ये भी हुए घायल
घायलों में सिंगामन (32) पुत्र शांति निवासी गांव खजुरिया थाना सरपतहई, महत्तम गुप्ता (45) निवासी ग्राम चारूबेहटा थाना खटीमा जिला उधमसिंह नगर, पप्पू (32), रामकली (36), देवूराम (40), ननकू (28), नत्था देवी (48) शामिल हैं। इन्हें सीएचसी लाया गया। इन्हें तिलहर सीएचसी में प्राथमिक उपचार दिया गया। इनके अलावा अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।
चालक को झपकी आने से हादसे की आशंका
पडरौना से दिल्ली की दूरी करीब नौ सौ किलोमीटर है। बस ने करीब छह सौ किलोमीटर की दूरी शाहजहांपुर तक आने में तय की थी। माना जा रहा है कि लंबी दूरी के सफर में बस चालक को तड़के झपकी आ गई होगी। इस वजह से हादसा हो गया। बताते हैं कि जिस ट्रक से टक्कर हुई, उसका पहिया रात में पंक्चर हो गया था। मक्का की बोरियों से लदा ट्रक सड़क के किनारे ही खड़ा था। पहिये के पास जैक भी लगा था।
तेज धमाके से खुली नींद, लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य
हादसा मोहल्ला खनपुरा के पास हुआ था। मोहल्ले के सफीउल्लाह और उनके पुत्र अहसन नबी ने बताया कि वे परिवार के साथ गहरी नींद में सोए हुए थे। सुबह अचानक तेज धमाके की आवाज से घर के सभी लोगों की नींद खुल गई। सभी लोग घर के बाहर निकल आए। मोहल्ले के लोग भी जाग गए थे। बस में यात्रियों को फंसा देखकर सभी लोग बचाव कार्य में लग गए। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर आ गई। एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल भेजा गया।
मायके से बेटी व पति के साथ लौट रही थी शालू
खेती करने वाले ओमपाल के परिवार में तीन माह पहले ही खुशियां आई थीं। उनके घर में बेटी का जन्म होने पर पायल नाम रखा था। पत्नी शालू का मायका गोरखपुर में है। बेटी के जन्म के बाद आठ दिन पहले शालू मायके गई थी। वहां से बस से लौटते समय रास्ते में हादसा हो गया। शालू को गंभीर चोट आने के कारण बरेली में भर्ती कराया गया। वहीं पायल की मौत हो गई। ओमपाल के सिर में हल्की चोट आई है। पोस्टमार्टम हाउस पर आए ओमपाल के पिता ब्रजपाल ने बताया कि परिवार में पायल इकलौती बेटी थी।