डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं आने पर बुखार से पीड़ित महिला ने पुवायां के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला को पांच दिन से बुखार आ रहा था। हालत में सुधार न होने पर उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर करने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी।
गांव हरना निवासी रामविलास की 40 वर्षीय पत्नी रामकली पांच दिन से बुखार से पीड़ित थीं। तीन दिन तक उनका इलाज गांव और आसपास के डॉक्टरों से कराया गया, लेकिन लाभ नहीं होने पर रामविलास पत्नी को तांगे से शुक्रवार सुबह पुवायां के सरकारी अस्पताल लाए। रामकली को 11.40 पर इमरजेंसी में भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रुपये नहीं होने के कारण रामविलास पत्नी को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाने की व्यवस्था नहीं कर सके तो सीएचसी के डॉक्टर ने ही 12.15 बजे रामविलास के फोन से 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस भेजने को कहा। डॉक्टर ने कंट्रोल रूम को यह भी बता दिया कि महिला की हालत सीरियस है। लिहाजा तुरंत एंबुलेंस भेजी जाए। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंची। इस बीच रामकली की हालत बिगड़ती चली गई और उन्होंने 1.15 बजे अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। रामकली की मौत के आधा घंटे बाद 1.45 बजे एंबुलेंस अस्पताल पहुंची। रोते-बिलखते रामविलास पत्नी का शव घर ले गए। रामकली की मौत से घर में कोहराम मचा है।
108 सेवा की एंबुलेंस का हमसे कोई मतलब नहीं है। अस्पताल की एंबुलेंस को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नत्थापुर ले गई थी। रामकली की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें ऑक्सीजन भी लगाई गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
-डॉ. रेनू मीणा, कार्यवाहक प्रभारी सीएचसी पुवायां