गर्रा नदी में भी तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
गर्रा नदी में भी तेजी से जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि अब भी तक गर्रा नदी का पानी मोहल्लों में नहीं पहुंचा है। पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। गर्रा नदी में पानी बुधवार की रात में और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन की ओर से गर्रा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है कि वे अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जा सकें। अधिकारी भी बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों को सतर्क कर रहे हैं।
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गर्रा में 25,977 क्यूसेक पानी और छोड़ा
सिंचाई विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर हुई अधिक वर्षा के चलते गर्रा नदी में उत्तराखंड और पीलीभीत से 25,977 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गर्रा नदी का जलस्तर अधिक बढ़ने की संभावनाएं है। बाढ़ की आशंका के मद्देनजर पुलिस भी प्रभावित स्थानों पर सतर्क रहेगी। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जनपद के 13 थाना क्षेत्रों में 120 गांव-मोहल्ले चिह्नित किए गए हैं।
बाढ़ के पानी से घिरे घर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम ने किया तटबंध का निरीक्षण
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को खन्नौत नदी के हनुमत धाम एवं गर्रा नदी के अजीजगंज तटबंध का निरीक्षण किया। डीएम ने बताया कि खन्नौत नदी में बृहस्पतिवार को तीन फुट जलस्तर बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि आसपास निवास कर रहे लोग सतर्कता बरतें और अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था करें।
डीएम ने मौके पर जाकर बढ़ रहे जलस्तर का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने राहत शिविर, बाढ़ चौकी, नाव एवं चिकित्सा सहित आदि व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों से कहा कि सभी टीमें सतर्क रहें और अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करके स्थिति का जायजा लेते रहे। इस दौरान नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, एडीएम एफआर अरविंद कुमार, एसडीएम सदर संजय पांडेय, तहसीलदार सदर सत्येंद्र कटियार आदि मौजूद रहे।
जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर बढ़ा गंगा का पानी
कलान क्षेत्र में भैंसार बांध पर गंगा में पिछले 48 घंटे से उफान जारी रहने के कारण जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर बुधवार को पानी दो फुट से बढ़कर ढाई फुट हो गया। बावजूद इसके लोग जान जोखिम में डालकर पैदल, साइकिल और बाइकों से निकल रहे हैं।
पुलिस भी ऐसे लोगों को बाढ़ के पानी में घुसने से नहीं रोक रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र के ढाई, आजादनगर, इस्लामनगर, कमतरी, चितार, पैलानी उत्तरी, बांसखेड़ा, कटेला नगला आदि एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है।