ग्राम विकास अधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन के जीवित लाभार्थी को मृत दर्शा दिया था। पेंशन बंद होने पर पीड़ित ने डीएम से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर जांच हुई। दोषी पाए जाने पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
शाहजहांपुर के जलालाबाद में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी को मृत दर्शाने के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर उसे बीडीओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। डीडीओ ने इस प्रकरण की जांच बीडीओ कांट को सौंपकर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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अल्हागंज क्षेत्र के गांव जेरा रहीमपुर के मंझरा घटौसा निवासी खुशीराम की वृद्धावस्था पेंशन रुक गई थी। स्थानीय अधिकारियों से शिकायत के बाद भी जब समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो खुशीराम ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। डीएम के निर्देश पर डीडीओ ने जांच में पाया कि राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी सत्यापन सूची वर्ष 2022-23 में खुशीराम का नाम क्रमांक 118 पर अंकित था। इसके बाद ब्लॉक जलालाबाद में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी प्रतिपाल ने पीड़ित को मृत दर्शा दिया।
जांच में ग्राम विकास अधिकारी को माना गया दोषी
इस मामले में डीडीओ ने प्रतिपाल को प्रथमदृष्टया अपने दायित्यों का दुरुपयोग करके पीड़ित को पेंशन का लाभ मिलने से वंचित कर देने तथा गंभीर लापरवाही, स्वैच्छाचारिता बरतने तथा शासकीय नियमों के विपरीत कार्य करके सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन का दोषी माना। उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
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निलंबन के साथ ही इस मामले की जांच खंड विकास अधिकारी कांट को सौंपी गई है। बीडीओ प्रह्लाद सिंह ने बताया कि यह मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। इस मामले से संबंधित जो कागजात मांगे गए थे, वह उपलब्ध करा दिए गए थे।