मीरानपुर कटरा थाना पुलिस टीम ने चाचा की हत्या करने वाले भतीजों को पकड़ा। स्रोत: मीडिया सेल
मीरानपुर कटरा। वृद्ध चाचा की डंडे से पीटकर हत्या करने के आरोपी भतीजों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपियों ने बताया कि चाचा गेहूं की फसल में हिस्सा न देने की बात कर रहे थे। विरोध पर उन्होंने डंडा मार दिया। इसी नाराजगी में चाचा को डंडे से पीट दिया। इससे उनकी मौत हो गई।
गांव दियुनी निवासी प्रह्लाद (65 वर्ष) की शादी नहीं हुई थी। अपने भाई उमराव लाल की मौत के बाद वह अपने भतीजे रवींद्र और जयपाल के पास रहते थे। रविवार दोपहर रवींद्र और जयपाल ने चाचा प्रह्लाद की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शाम करीब 6:30 बजे हुलासनगला ओवरब्रिज के पास बरेली जाने वाली सड़क के किनारे से दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चाचा उनके पास ही खाना खाते थे। उनकी खेती वे दोनों भाई बटाई पर करते थे। दोनों भाइयों ने मिलकर उनके खेत में गेहूं बोया था। चाचा गेहूं कंबाइन से कटवाना चाहते थे, जबकि वे लोग हाथ से काटकर भूसा बनाने की बात कह रहे थे।
प्रह्लाद ने कहा कि वह अपने गेहूं से एक भी दाना उन लोगों को नहीं देंगे। इस बात पर चाचा और भतीजों में कहासुनी हो गई। प्रह्लाद ने एक डंडा उठाकर रवींद्र के सिर पर मार दिया और वह चोटिल हो गया। इससे दोनों भाई आगबबूला हो गए। पास में पड़े डंडे लेकर रवींद्र और जयपाल ने चाचा प्रह्लाद को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद डंडे फेंककर दोनों लोग मौके से भाग गए।
पुलिस टीम ने प्रहलाद की हत्या में प्रयुक्त खून से सने छह डंडों को घटनास्थल पर जाकर गेहूं के खेत से बरामद कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक जुगुल किशोर पाल ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
भांजे ले गए मामा का शव
थाना गढि़यारंगीन के गांव घसा कल्यानपुर निवासी मानसिंह, वीरेंद्र, मुन्नालाल और थाना मिर्जापुर के जरियनपुर गांव निवासी रामदास अपने मामा प्रहलाद का शव देख बिलख पड़े। बोले कि मामा की कोई दुश्मनी नहीं थी। मामूली बात पर कहासुनी के बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। उनके भतीजों में केवल रविंद्र की शादी हुई है। उसके चार बेटे और तीन बेटियां हैं। वह गाड़ी चलाता है।