तिलहर। नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते बैंक खाता सुचारु न होने पर शासन द्वारा विकास कार्यों के तहत भेजी गई करीब दो करोड़ की धनराशि वापस हो गई। अब नगर पालिका शासन से धनराशि वापस लाने का प्रयास कर रहा है।
शासन की निधि से नगर पालिका को तीन मदों में करीब तीन करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी। इसमें करीब दो करोड़ की लागत से नगर की जल निकासी के लिए नालों का निर्माण, 50 लाख की लागत से पोखर सुंदरीकरण और 42 लाख की लागत से दोदराजपुर मोक्षधाम का जीर्णोद्धार शामिल था।
नाला निर्माण की आधी किश्त करीब एक करोड़ तथा मोक्षधाम व पोखर की पूरी रकम यानी करीब दो करोड़ रुपये शासन की ओर से ट्रेजरी में भेज दी गई थी। जब कोषागार से धनराशि तिलहर नगर पालिका के खाते में भेजी गई तो खाता सुचारु न होने के कारण धनराशि शासन को वापस चली गई।
वहीं, नालों का निर्माण ठेकेदारों द्वारा शुरू किया जा चुका है। इसके भुगतान की ठेकेदारों द्वारा मांग किए जाने पर पालिका प्रशासन ने संज्ञान लिया। बड़ी चूक सामने आने से हड़कंप मच गया। अधिशासी अधिकारी कल्पना शर्मा ने बताया कि नगर पालिका के खाते में भेजी गई धनराशि शासन को वापस चली गई है। धनराशि की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।