शाहजहांपुर। अदालत ने किशोरियों को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के दो मुकदमों में दो दोषियों को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
निगोही थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 14 अप्रैल 2017 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 अप्रैल को वह अपने परिवार सहित खेतों में गेहूं काटने गया था। दिन में करीब 12 बजे धर्मेंद्र उसकी 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया। इसमें कुछ लोगों ने सहयोग भी किया था। पुलिस ने धर्मेंद्र मौनश्री, पुष्पा, प्रीति और राकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के बाद पुलिस ने धर्मेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म आदि धाराओं में आरोपपत्र अदालत भेजा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सुदीप कुमार जायसवाल ने धर्मेंद्र को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
खुटार थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह अपनी मां और बहन के साथ वन विभाग की चौकी में रहता है। 15 फरवरी 2015 को उसकी 14 वर्षीय बहन को गांव सिहुरा का राजकुमार उर्फ छोटे बहला-फुसलाकर ले गया। पुलिस ने राजकुमार उर्फ छोटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सुदीप कुमार जायसवाल ने राजकुमार को दस वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है।