शाहजहांपुर। एक सरकारी विभाग में बच्चों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद नया मोड़ आ गया। महिला कर्मचारी ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश दीक्षित और निलंबित प्रभारी अधीक्षक पर वीडियो वायरल कर ब्लैकमेल करते हुए 30 हजार रुपये वसूलने व सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की विवेचना को शुरू कर दिया है।
कुछ दिन पहले बच्चों के साथ मारपीट करते हुए महिला कर्मचारी का वीडियो वायरल होने पर शासन तक संज्ञान लिया गया था। डीपीओ ने मामले में महिला कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए विभाग के प्रभारी अधीक्षक नेमचंद्र को निलंबित कर दिया है। घटनाक्रम के बाद महिला कर्मचारी ने डीएम को प्रार्थनापत्र दिया।
इसमें बताया कि अधीक्षक ने अपने रसूख के दम पर उसे विभाग से संबद्ध करा लिया था। वह कहता था कि उसकी बनकर रहो, नहीं तो नौकरी करना मुश्किल कर देंगे। आरोप है कि एक वर्ष पहले नेमचंद्र ने बच्चों के साथ मारपीट की वीडियो सिंधौली के मूर्छा गांव निवासी मुकेश दीक्षित के साथ साजिश कर बनवा ली।
दोनों ने नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकी देकर जुलाई 2024 में तीस हजार रुपये लिए। आरोप है कि घर में कोई न हाेने पर धमकाकर बुलाया और दोनों ने दुष्कर्म किया। अकेले रहने व नौकरी की वजह से वह उत्पीड़न सहन करती रही। नवंबर 2024 में आरोपियाें के बुलाने पर उसने मना कर दिया और पुलिस को सब बताने की बात कही। तब उन्होंने शिकायत अधिकारियों से करने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
पीड़िता ने बताया कि उनकी बात नहीं मानने पर आरोपियों ने वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी और ब्लैकमेल किया। चौक इंस्पेक्टर अश्वनी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मामले की विवेचना कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों के लिए वर्ष 2024 से संघर्ष कर रहे हैं। कुछ दिन पहले वायरल वीडियो को वह पहले ही सीएम को सोशल मीडिया साइट एक्स पर टैग कर चुके हैं। महिला कल्याण विभाग की निदेशक को व्हाट्सएप पर भेजा था। आईजीआरएस पर शिकायत करने पर डीपीओ ने रिपोर्ट लगाकर महिला कर्मचारी के दोषी पाए जाने पर मूल पद पर भेजने की रिपोर्ट लगाई थी। अब दोबारा से फेसबुक पर वीडियो डालने पर संज्ञान लिया गया। महिला कर्मचारी ने अपने बचाव के लिए मनगढ़ंत कहानी बनाकर फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुकेश दीक्षित, पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता