शाहजहांपुर। महिला मित्र से अभद्रता करने पर युवक की गला दबाकर हत्या करने के दोषी दो युवकों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों ने अपराध छिपाने के लिए लाश को तेजाब से जला दिया था।
तिलहर थाना क्षेत्र के ढकिया परवेजपुर गांव निवासी रामासरे ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 23 अक्तूबर 2014 को उसका बेटा संतोष शहर आया था। रामासरे ने बताया कि वह भी घरेलू सामान खरीदने के लिए केरूगंज आया था। खरीदारी के बाद वह अपराह्न दो बजे बरेली मोड़ पहुंचा। कुछ देर बाद उसने देखा कि अजीजगंज का रिंकू अपनी कार से बरेली मोड़ की ओर आ रहा है। कार में बेटा संतोष भी था।
दोनों लोग बरेली मोड़ पर रुके और फल खरीदे। बेटे संतोष ने उसे फल देकर कहा कि वह बाद में घर आ जाएगा। इसके बाद रामासरे घर चला गया। शाम तक जब संतोष घर नहीं पहुंचा तो उन लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर एक बार बात हुई तो उसने खुद के जलालाबाद में होने की बात कही।
इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। उसे शक है कि रिंकू ने ही उसके बेटे संतोष को गायब किया है। पुलिस ने 29 अक्तूबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि रिंकू उर्फ आकाश ने अपने साथी सर्वजीत के साथ मिलकर संतोष की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
हत्याकांड को छुपाने के लिए शरीर पर तेजाब डालकर जला दिया था। लाश के रूप में सिर्फ हड्डियां मिली थीं। हत्याकांड के पीछे की वजह सामने आई थी कि संतोष ने रिंकू की महिला मित्र के साथ अभद्रता कर दी थी। इसी का बदला लेने के लिए रिंकू ने सर्वजीत के साथ मिलकर संतोष की हत्या कर दी।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर रिंकू और सर्वजीत को दोषी पाया। सर्वजीत इसी न्यायालय से हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने रिंकू और सर्वजीत को कठोर आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।