तिलहर। पंजाबी काॅलोनी के गीता मंदिर में सोमवार को कार्तिक शुक्ल द्वादशी की पावन तिथि पर तुलसी जी का भगवान सालिगराम के साथ श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में विवाह का आयोजन किया गया। प्राचीन परंपरा और धार्मिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं ने तुलसी जी का विवाह किया। इस बीच, मंदिर परिसर में सुबह से शाम तक हरिनाम संकीर्तन की गूंज रही।
तुलसी जी के विवाह की धूम रविवार की रात से शुरू हो गई। मंदिर परिसर में महिलाओं ने भजन संध्या में भगवान विष्णु और तुलसी जी के मंगल गीतों से वातावरण भक्तिमय कर दिया। सोमवार की सुबह हल्दी और मेहंदी की रस्में उत्साह के साथ पूरी की गईं। आयोजन में भगवान विष्णु की ओर से दीपक सचदेवा व उनकी पत्नी दीपा सचदेवा ने और तुलसी जी के माता-पिता के रूप में रवि गुलाटी और मनीषा गुलाटी ने धार्मिक परंपराएं निभाईं।
तत्पश्चात, भगवान शालिग्राम की शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने हरि नाम का जयघोष करते हुए ढोल, मंजीरा और शंखनाद के साथ नगर भ्रमण किया।
देर शाम दीपक सचदेवा के आवास से बैंड-बाजे के साथ भगवान की बरात गीता मंदिर के लिए निकली। महिलाएं और श्रद्धालु नृत्य करते हुए जय श्रीहरि और जय तुलसी माता के जयकारों से पूरे मार्ग को गुंजायमान करते रहे। बरात मंदिर परिसर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और आतिशबाजी कर भगवान का स्वागत किया।
विवाह मंडप में तुलसी जी को दुल्हन की तरह सजाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न हुआ। महिलाओं ने सुहाग की परंपरागत पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की। इसके बाद तुलसी जी को भावुक माहौल में विदा किया गया। इस अवसर पर ममता सिंघल, अलका गुप्ता, सुनीता गुप्ता आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
खुटार में खाटू श्याम का संकीर्तन महोत्सव 12 को
खुटार। खुटार में 12 नवंबर को माता पंथवारी मंदिर वाले रोड किनारे खाटू श्याम का चतुर्थ संकीर्तन महोत्सव होगा। इसके लिए श्रद्धालु सात नवंबर को जाेत लेने राजस्थान जाएंगे।
आयोजन समिति के सदस्य विवेक गुप्ता ने बताया कि नौ नवंबर को श्रद्धालु जोत लेकर खुटार आएंगे और निशान यात्रा निकाली जाएगी। संकीर्तन स्थल पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए जोत को स्थापित किया जाएगा। 12 नवंबर की शाम वृंदावन के अमन मिश्री, पीलीभीत की रेनू अग्रवाल और अमृतसर के यदुवंशी ब्रदर खाटू श्याम का गुणगान करेंगे। 13 नवंबर को भंडारा और गरीब परिवार की एक युवती की शादी कराई जाएगी। संवाद