मिर्जापुर में कार्तिक मेले में दुकाने सजाते लोग। स्रोत: जागरूक पाठक
मिर्जापुर। ढाई घाट के पावन गंगा तट पर लगे कार्तिक मेले में बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले मुख्य स्नान पर्व के लिए जिला पंचायत ने सभी व्यवस्थाएं सोमवार की शाम तक चौक-चौबंद कर लीं। पेयजल, पथ प्रकाश, सफाई आदि बुनियादी सुविधाओं में विस्तार के साथ उनके सुरक्षित स्नान और सुरक्षा के इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया गया है। मेले में दुकानें भी सज गईं हैं।
कार्तिक मेले में न केवल जनपद, बल्कि आसपास के जिलों और नगरों से स्नान के लिए इतनी भीड़ जुटती है कि मिनी कुंभ जैसा लगने लगता है। रविवार को मेले का औपचारिक उद्घाटन वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी फर्रुखाबाद के डीएम और एसपी समेत स्थानीय अधिकारियों के साथ किया था।
अधिकारियों ने मेला स्थल की सफाई के लिए पंचायत राज विभाग के 22 सफाई कर्मचारी तैनात कर स्नान के लिए बनाए सभी सात घाटों की सफाई कराई। लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने रात में ही मेला परिसर में गांधी चौक, सदर बाजार, मेला थाना मार्ग और एक अन्य रास्ते का निर्माण कार्य पूरा कर लिया। धूल उड़ने से रोकने के लिए टैंकरों से पानी का छिड़काव किया गया। हैंडपंपों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, लेकिन सभी नलों में हत्थे लगाकर उन्हें चालू कर दिया गया।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए की गईं अतिरिक्त व्यवस्थाएं
पूर्व में लगे जाम से सबक लेते हुए इस बार भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला पंचायत के मेला लिपिक रजनीश कुमार ने बताया कि मुख्य द्वार से पहले जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे के किनारे वाहन पार्किंग बनाई गई है। इसमें करीब 500 चार पहिया वाहन खड़े करने की क्षमता है। गोताखोरों की संख्या छह से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। सुरक्षा की कमान शमशाबाद के थाना अध्यक्ष मिथिलेश कुमार को दी गई है।