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Shahjahanpur News: बारिश में लाइनों पर टूटी आफत, इंसुलेटर पंक्चर होने से बिजली गुल

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शाहजहांपुर। भारी बारिश की वजह से शहर और देहात क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हथौड़ा उपकेंद्र के हयातपुरा फीडर पर घंटों बिजली नहीं आने से उपभोक्ता परेशान हो उठे। लाइन पर पेड़ गिरने और इंसुलेटर पंक्चर होने से बिजली गायब रही।
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रविवार की रात तेज बारिश होने के दौरान बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। हथौड़ा उपकेंद्र का हयातपुरा फीडर रात में ट्रिप हो गया। इसके चलते हयातपुरा, हनुमत धाम, रोशनगंज समेत दर्जनों मोहल्लों के करीब तीन हजार घरों की आपूर्ति बाधित हो गई।
सुबह जेई अंकित तिवारी के नेतृत्व में टीम ने लाइन पर गश्त की। टीम को हनुमत धाम स्थित पनिया मस्जिद के पास तार टूटा मिलने पर उसे सही करा दिया गया। करीब नौ बजे बिजली बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इस बीच दोपहर में फिर से लाइन में फॉल्ट आ गया।
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लोगों ने फिर उपकेंद्र पर कॉल कर अवगत कराया। इस बीच टीम ने पूरी लाइन पर गश्त कर डाली, लेकिन फॉल्ट नहीं मिला। शाम करीब चार बजे खान साहब की बगिया के पास गली में अंतिम छोर पर 11 केवीए की लीड जली मिली। इसे सही कराकर आपूर्ति को बहाल किया गया।
इसी तरह मऊ बासक क्षेत्र की आपूर्ति भी बाधित रही। रात में तेज बारिश के दौरान कच्चा कटरा फीडर पर करीब एक घंटे तक बंद रहा। लाइन पर गूलर की पेड़ की डाल गिरने से आपूर्ति बाधित हुई।
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पाली फीडर पर 24 घंटे बाद आई बिजली, राहत तब भी नहीं
जलालाबाद इलाके की बिजली व्यवस्था को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। रविवार को पाली फीडर पर फॉल्ट आने के चलते भानपुर, उमराह, बरेंडा समेत सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली नहीं आने से लोग पूरी रात अंधेरे में करवटें बदलते रहे। लोगों ने जेई को कॉल की। उन्होंने फॉल्ट होने की बात बताई। करीब 24 घंटे के बाद गांवों को बिजली मिली, लेकिन आधे घंटे के बाद फिर आपूर्ति ठप हो गई। ऐसे में लोगों को दुश्वारियों से जूझना पड़ा। इसी तरह अटसलिया उपकेंद्र के मूड़ा फीडर पर इंसुलेटर पंक्चर हो गया। वहीं 220 केवीए लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली गायब रही।
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कंट्रोल रूम से नहीं मिल रहे लोगों को जवाब
बिजली निगम ने समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की है। व्हाट्सएप पर मेसेज करने के बाद उसका जवाब देने के निर्देश हैं, लेकिन वर्तमान में कंट्रोल रूम पर मेसेज पहुंचने के बाद जवाब नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोगों को फॉल्ट आदि के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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