दावत-ए-इस्लामी के बैनर तले प्रतिवर्ष निकाला जाने वाला जुलूस-ए-मीलाद इस बार 24 दिसंबर को आयोजित हो रहा है। जुलूस की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस संबंध में संगठन की ओर से प्रेसवार्ता में दावते इस्लामी के जिला निगरा हाफिज मोहम्मद अनीस अत्तारी ने बताया कि 24 दिसंबर को सुबह नौ बजे से रेलवे स्टेशन वाली मस्जिद से जुलूस रवाना होगा, जो टाउनहाल पुल, लाल इमली चौराहा, घंटाघर होता हुआ अंटा चौराहा के समीप संपन्न होगा। एक होटल में पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए अत्तारी ने बताया कि जुलूस का समापन स्थल कटहल वाली मस्जिद में इज्तिमाई दुआ के साथ होगा। उन्होंने जुलूस में शिरकत करने वालों का आह्वान किया है कि वह बा-वुजू होकर नअत ख्वानी, दुरूद शरीफ, सलातो सलाम पढ़ते तथा सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाते हुए चलें।
उन्होंने कहा कि कोई भी भड़काऊ नारे न लगाए और जुलूस में उछल-कूद भी न करे। कहा: कोई भी म्यूजिक वाली नअते न चलाए। रास्ते में मुसाफिरों, बीमारों और अन्य जरूरतमंदों को निकलने का रास्ता अवश्य दें, जिससे इस दौरान किसी को कोई परेशानी न हो। जुलूस के बाद सभी शांति और भाईचारा कायम रखते हुए अपने घरों को लौटें। साथ ही लंगर हाथों में ही तकसीम करें, फेंके नहीं। जुलूस की व्यवस्था के लिए चांद मियां, हनीफ खां, शब्बीर खां, तसनीम हसन खां, फारुख अली खां, वसी उल्ला खां, राशिद बरकाती, फहीम अत्तारी, रिजवान, मशकूर अत्तारी, नबी उल्ला, शावेेज अत्तारी, मजहर, प्यारे खां, अब्दुल खालिक खां, तनवीर अत्तारी, कामिल, शोऐब खंा आदि का जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं। उधर, खादमाने इस्लाम कमेटी की बैठक में सईद अंसारी ने बारहवफात जुलूस की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में शाहेद अंसारी, शाहेद खां, जहांगीर खां, काशिब अंसारी आदि मौजूद रहे।