ककरा काकर कुंड घटनास्थल पर पहुंचे एसपी राजेश द्विवेदी व अन्य अधिकारी। संवाद
शाहजहांपुर। शहर में गर्रा नदी में सोमवार दोपहर नहाने के दौरान तीन बालक डूबने लगे। उनकी चीख-पुकार की आवाज सुन वहां पर मौजूद लोग दौड़ पड़े, लेकिन तब तक तीनों आंखों से ओझल हो गए।
फायर ब्रिगेड टीम समेत गोताखोरों ने तीनों बालकों की देर शाम तक तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। एसपी राजेश द्विवेदी ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। वहीं, बच्चों की तलाश के लिए एसडीआरएफ टीम बुलवाई गई है। शहर के सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला मामूड़ी निवासी शाहरुख (12 वर्ष), सुहेल (10 वर्ष) और अखलाक (11 वर्ष) सोमवार की दोपहर करीब दो बजे ककरा काकर कुंड में गर्रा नदी किनारे बकरियां चराने के लिए गए थे। उनके साथ शाहरुख का भाई जीशान भी था।
इसी दौरान गर्रा नदी में नहाने के दौरान तीनों डूबने लगे। तीनों को डूबता देख जीशान भागकर घर गया और उसने परिवार वालों को सूचना दी। इससे उनके परिजनों में कोहराम मच गया। गर्रा नदी पर तमाम लोगों की भीड़ लग गई। जिस किसी को हादसे की जानकारी हुई, वह गर्रा नदी की ओर दौड़ पड़ा। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम व गोताखोर भी पहुंच गए। अंधेरा होने तक सभी बालकों की तलाश करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। उधर, तीनों बालकों के परिजन उनकी सलामती की दुआ करते हुए दिखाई दिए। शाम तक बच्चों का पता नहीं चल सका था।
मदरसे में पढ़ते हैं तीनों, बनाई थी थर्माकोल की नाव
- मोहल्ले के लोगों का कहना है कि तीनों बालक मदरसे में पढ़ाई करते हैं। इनमें खलाख हाफिज की पढ़ाई कर रहा है। तीनों के परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है। बताया जा रहा है कि तीनों ने थर्माकोल की एक नाव बनाई थी, जिसे नदी में तैरा भी रहे थे। लोगों का कहना है कि बच्चे दो-तीन दिन से नदी के पास जा रहे थे।
ककरा काकर कुंड घटनास्थल पर पहुंचे एसपी राजेश द्विवेदी व अन्य अधिकारी। संवाद