डॉन एंड डोना मैं छात्र-छात्राओं करती स्वास्थ कर्मी । संवाद
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शाहजहांपुर। देश में दूसरी लहर के शांत होने के बाद विशेषज्ञों ने दावा किया था कि जल्द ही कोरोना की तीसरी लहर आएगी। तीसरी लहर में कोविड का खतरा बच्चों पर ज्यादा मंडराएगा। कोविड के केसों की शुरुआत में बड़े लोग संक्रमण के घेरे में आने लगे, लेकिन जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में उस समय कहीं विशेषज्ञों की बात सत्य होने लगी। बड़ों की लापरवाही मासूमों पर भारी पड़ने लगी है। कोविड नियमों का पालन नहीं करने और कांन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग के कारण बच्चे भी कोरोना से संक्रमित होना शुरू हो गए हैं। तीसरी लहर में कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या लगभग 3500 के करीब पहुंच गई है। इसमें 86 बच्चे शामिल हैं।
वर्ष 2021 में दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में कोविड के केस निकलना शुरू हुए थे। कोविड केस सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करने, सोशल डिस्टेसिंग और बार-बार हाथ धोने का मूलमंत्र अपनाने पर जोर दिया। कोविड केसों के प्रति लापरवाह लोगों ने भीड़ में जाने से परहेज नहीं किया। बाजार से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग समूह में खड़े होने से बाज नहीं आए। नतीजन, नए वर्ष में कदम रखते ही कोविड के केसों में उछाल आना शुरू हो गया।
जांच का दायरा बढ़ने से 21 से 40 की आयु वाले सर्वाधिक लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे थे। बुजुर्ग भी कोविड की जद में आए, पर बच्चे कोरोना से सुरक्षित माने जा रहे थे। लेकिन, 21 जनवरी के बाद से मासूमों को भी कोरोना ने अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। इसमें एक वर्ष से लेकर 12 साल तक के बच्चे शामिल हैं। डाक्टरों की मानें तो बड़ों की लापरवाही के कारण ही बच्चों की रिपोर्ट पॉजीटिव आ रही है। चूंकि, बच्चे स्कूल या भीड़ वाली जगह पर नहीं जा रहे हैं। ऐसे में बड़ों के संपर्क में आने से बच्चों को कोरोना हो रहा है।
तिथि- कुल केस- संक्रमित बच्चे
-21 जनवरी- 186- 3
-22 जनवरी 172- 7
-24 जनवरी 196- 8
-25 जनवरी 200- 8
-28 जनवरी 188- 10
-30 जनवरी 233- 16
-31 जनवरी 172- 13
-एक फरवरी 159- 15
-दो फरवरी 91- 6
फोटो नंबर 10
-बच्चों के संक्रमित होने की वजह बड़ों की लापरवाही है। लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क नहीं लगाते हैं। बिना हाथ धोए बच्चों के संपर्क में आते हैं और उन्हें भी पॉजिटिव कर देते हैं। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए बड़ों को सावधानी बरतना होगी। बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। घर पर आने पर साबुन से हाथ धोएं या सेनेटाइजर का प्रयोग करें। हालांकि, कोरोना में बच्चों की हालत मशीन में रखने जैसी नहीं बन रही। बच्चे तीन से चार दिन में कोरोना से ठीक हो रहे हैं। डॉ. अखिलेश कुमार, चाइल्ड रोग विशेषज्ञ, राजकीय मेडिकल कॉलेज