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Shahjahanpur News: खाद वितरण में हो रहा खेल, भटक रहे किसान

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बंडा में इफको क्रय केंद्र खाद नहीं होने की वजह से सूना पड़ा। संवाद
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शाहजहांपुर। जिले में पर्याप्त खाद होने के दावे के बावजूद किसानों को जूझना पड़ रहा है। सहकारी साधन समितियों पर मारामारी मची हुई है। बिचौलियों के फेर में पड़ा किसान परेशान हो रहा है।
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जिले में खाद वितरण के लिए 115 सहकारी साधन समितियां हैं। रबी की फसल के लिए खाद का लक्ष्य 172634 टन है। नवंबर माह का लक्ष्य 68158 टन है। वर्तमान में जिले में डीएपी 1273 टन और एनपीके 4700 टन उपलब्ध है।
जिले में खाद के 15 थोक और 700 फुटकर विक्रेता हैं। खाद कंपनियां इनको खाद उपलब्ध कराती हैं। साधन समितियों को कृषि विभाग की ओर से खाद उपलब्ध कराई जाती है। साधन समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान ब्लैक में खाद लेने को मजबूर हैं।
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खुले बाजार में भी नही मिल रही खाद
जैतीपुर। डीएपी का संकट किसानों के लिए इतना गहरा गया कि उन्हें अब खुले बाजार में भी खाद नहीं मिल पा रही। जिन किसानों के खेत तैयार हैं, वे खाद के लिए भटक रहे हैं। समितियों पर खाद उपलब्ध न होने के चलते वे बेहद परेशान है। कुछ जगह खाद के साथ बीज लेना अनिवार्य कर रखा है। संवाद
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बोआई के लिए खेत तैयार...पर नहीं मिल रही खाद

बोआई के लिए खेत तैयार हैं, लेकिन खाद नहीं मिलने से देरी हो रही है। तीन दिन पहले तक बाजार में खाद मिल रही थी।
- प्रमोद मिश्रा, खेड़ा बझेड़ा

खाद के लिए भटक रहे है, लेकिन कहीं मिल नहीं पा रही है। यह भी नहीं बताया जा रहा है कि कब तक मिल पाएगी।
- ओमपाल, बझेड़ा भगवानपुर


महंगे दामों पर खाद खरीद रहे किसान
बंडा। डीएपी खाद न मिलने से किसान मजबूर होकर ब्लैक में महंगे दामों पर खरीद रहे हैं। एक हफ्ते से डीएपी न होने के कारण केंद्र सूना पड़ा है। छोटे किसान केंद्र पर खाद आने का इंतजार कर रहे हैं। इसकी वजह से फसल बोआई में देरी हो रही है। केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार का कहना है की रैक लगने के बाद डीएपी और एनपीके आ सकती है। संवाद

जिले में भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध है। साधन समितियों की मांग पर खाद भेजी जा रही है। अगर कोई खाद की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। खाद की कमी नहीं है, किसान परेशान न हों।
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- धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक

बंडा में इफको क्रय केंद्र खाद नहीं होने की वजह से सूना पड़ा। संवाद

बंडा में इफको क्रय केंद्र खाद नहीं होने की वजह से सूना पड़ा। संवाद

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