शाहजहांपुर। कांट ब्लॉक के भंडेरी गांव में मंगलवार को भी लोगों के चेहरे पर उदासी और बेबसी नजर आईं। सड़कों पर वीरानगी छाई थी, साथ ही घरों से विलाप करने की आवाजें बाहर तक आ रही थी। हादसे में किसी ने अपना भाई तो कई ने अपने जवान बेटों को खो दिया। उनकी मौत के बाद से परिजन पूरी तरह से टूट गए हैं।
हमेशा हंसने-खिलखिलाने वाले भंडेरी गांव के लोगों के चेहरे शनिवार दोपहर बाद से उतरे हुए हैं। हापुड़ में विस्फोट में 10 लोगों के शव शनिवार देर रात और रविवार तड़के पहुंचे तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। विस्फोट से झुलसे मजदूरों के चेहरे ऐसे हो गए थे कि अंतिम समय में परिजन तक चेहरा नहीं देख पाए।
सोमवार सुबह अंत्येष्टि के समय डीएम-एसपी समेत प्रशासनिक अमले समेत नेताओं का जमावड़ा रहा। वहीं मंगलवार को पूरे गांव में मातमी सन्नाटा रहा। गांव की सड़कें वीरान-सी नजर आईं। हर तरफ लोगों के चेहरे पर उदासी और मायूसी दिख रही थी। मृतकों के घरों से रह-रहकर उठ रही सिसकियां सड़क तक सुनाई दे रहीं थीं।
डीएम के निर्देश पर जांच करने पहुंची तहसील की टीम
शाहजहांपुर। हापुड़ में जान गंवाने वालों की आर्थिक स्थिति काफी ज्यादा खराब थी। सोमवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह के सा ने जब यह बात सामने आईं तो उन्होंने पट्टा आवंटन करने की सहमति दे दी। इसी क्रम में मंगलवार को तहसील की टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की। टीम अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को देंगी।
दस लोगों की मौत और 18 लोगों के घायल होने की सूचना के बाद डीएम प्रशासनिक अमले के साथ गांव में पहुंचे थे। उन्होंने शासन की ओर से दिए जाने वाले मुआवजे के साथ ही स्थानीय स्तर पर मदद का भरोसा दिया। उन्होंने तहसीलदार को मृतकों को पट्टे का आवंटन करने के लिए निर्देश दिए थे। मंगलवार को दोपहर में टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की। उन्होंने मृतकों के परिजन से जानकारी ली। इस बीच घायलों की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई गई।
विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
ददरौल विधायक मानवेंद्र सिंह सोमवार को भंडेरी गांव पहुंचे थे। वहां के हालात देखने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मृतकों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया है। लिखे पत्र में घायलों की स्थिति को देखते हुए समुचित इलाज कराने और अवैध फैक्टरी संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।