पुवायां (शाहजहांपुर)। बिजली समस्या को लेकर ट्रैक्टर मार्च कर लखनऊ जाने के लिए बिजली उपकेंद्र पर एकत्र हुए भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों व किसानों को अधिकारियों ने दो घंटे तक वार्ता के बाद मना लिया। इसके बाद किसान घरों को लौट गए।
घरेलू कनेक्शनों के लिए अलग लाइन डाले जाने या नलकूप वाली लाइन पर ज्यादा बिजली दिए जाने, लो वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने की मांग को लेकर पुवायां के बिजली उपकेंद्र पर भाकियू कार्यकर्ता 19 जून से धरने पर बैठे थे।
एक्सईएन से वार्ता के बाद समस्या का समाधान नहीं होने पर चार जुलाई को एसडीएम संजय पांडे, सीओ पंकज पंत, एक्सईएन राजकुमार कुर्मी, एसडीओ जगदीश सिंह, जेई संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन बात नहीं बन सकी थी। वार्ता के बाद भाकियू जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने 11 जुलाई को ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए पुवायां से लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलकर मामले को उठाने की बात कही थी।
बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर तमाम कार्यकर्ता ट्रैक्टर लेकर जा पहुंचे। जानकारी पाकर एसडीएम संजय पांडे, कार्यवाहक तहसीलदार सृजित निगम, सिंधौली, खुटार, पुवायां की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वार्ता के दौरान गांवों के शेड्यूल के हिसाब से फार्म हाउसों पर बिजली की मांग रखी गई।
एक्सईएन ने नलकूप लाइन पर दस घंटे से अधिक बिजली देने से इन्कार कर दिया। इस पर किसान ट्रैक्टर लेकर आगे बढ़े, लेकिन अधिकारियों ने उनको फिर रोक लिया और वार्ता की। वार्ता में सहमति बनी कि कार्यकर्ता बरेली जाकर ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग रखेंगे। निदान न होने पर 20 जुलाई से फिर से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।
इसके बाद किसान ट्रैक्टरों सहित लौट गए। वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल, जिला मीडिया प्रभारी सुखचैन सिंह, संजीव अवस्थी सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।
यहां फंसा है पेंच
क्षेत्र के तमाम फार्म हाउसों पर घरेलू बिजली कनेक्शन नलकूप की लाइन से जुड़े हैं। नलकूपों को दस घंटे बिजली दी जा रही है, इस कारण फार्म हाउसों पर भी दस घंटे ही बिजली मिल रही है। भाकियू की मांग है कि फार्म हाउसों को ग्रामीण क्षेत्र के हिसाब से बिजली मिले या फिर नलकूपों को भी ज्यादा बिजली दी जाए, जिससे फार्म हाउसों को तय शेड्यूल के मुताबिक बिजली मिले । फार्म हाउसों पर घरेलू कनेक्शन के लिए बिजली लाइन डालने पर करोड़ों के खर्च का अनुमान है, जो शासन की मंजूरी के बिना संभव नहीं है। इसका एस्टीमेट भी भेजा जा चुका है। नलकूपों पर घरेलू कनेक्शनों के अनुसार बिजली नहीं दी जा सकती है। इस कारण समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।