गंगा एक्सप्रेस-वे के शाहजहांपुर में संपन्न हुए लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री के निरीक्षण के
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। प्रदेश सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को विधानसभा में पेश किए वार्षिक बजट में प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे पर जिले की सीमा में बनने वाली हवाई पट्टियों के लिए बजट प्रावधान किया है। सरकार ने एक्सप्रेस-वे के लिए 695 करोड़ रुपये की पहली किस्त का प्रावधान किया है। जलालाबाद क्षेत्र के लोगों का मानना है कि इससे न केवल एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में तेजी आएगी, जिले को हवाई पट्टियां भी जल्द मिलने से क्षेत्र का चहुमुंखी विकास होने की उम्मीद बढ़ गई है।
माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने बजट में क्षेत्र से होकर निकलने वाले बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जो धनराशि आवंटित की है, उससे तहसील क्षेत्र के विभिन्न गावों में प्रस्तावित छह हवाई पट्टियों के निर्माण पर भी खर्च किये जाएंगे। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला एक्सप्रेस-वे जनपद की तिलहर व सदर तहसील के कुछ गांवों के अलावा जलालाबाद तहसील के सर्वाधिक 26 गांवों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे छह हवाई पट्टियां भी बनाई जाएंगी। इसके लिए क्षेत्र के गांव चमर खुर्द, चमर कलां, पीरु, दियुरा, बड़ोखर व खूंटा नगला में अतिरिक्त जमीन की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। हवाई पट्टियां एक्सप्रेस-वे से सटाकर उसके किनारे पर ही विकसित की जाएगी।
जलालाबाद में ही बनेगा इंटरचेंज
एक्सप्रेस-वे पर स्थानीय वाहनों के चढ़ने-उतरने के लिए रैंप जैसा मार्ग (इंटरचेंज) गांव गुलड़िया में बनेगा। यह गांव जलालाबाद नगर से करीब तीन किमी दूर शाहजहांपुर रोड के किनारे स्थित है। इसके लिए भी अतिरिक्त जमीन की व्यवस्था की गई है। इंटरचेंज बनने से यहां के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से आर्थिक रूप से लाभ पहुंचेगा। यही नहीं, उन्हें एक्सप्रेस-वे से कहीं जाने के लिए अतिरिक्त दूरी भी नहीं तय करनी होगी। अधिकारियों के अनुसार हर जनपद में एक्सप्रेस-वे पर केवल एक ही इंटरचेंज बनाया जाएगा।