शाहजहांपुर। शहर स्थित मालगोदाम रोड और नाले का निर्माण कार्य होना है। छह महीने पहले नाला निर्माण शुरू गया था लेकिन ठेकेदार बीच में ही काम छोड़कर चला गया। इससे रोड व नाला निर्माण अधर में लटक गया है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन जाने के लिए बहुत-से लोग आज भी मालगोदाम रोड का ही इस्तेमाल करते हैं। इस रोड की हालत बद से बदतर हो गई है। गड्ढों में तब्दील हो चुकी इस रोड के निर्माण की मांग काफी समय से की जा रही थी। काफी प्रयासों के बाद रेलवे ने इस रोड के निर्माण की अनुमति प्रदान की और इसके लिए 87 लाख रुपये का बजट भी आवंटित किया गया। रोड के साथ ही रेलवे कॉलोनी तक नाला का निर्माण तथा रेलवे स्टेशन की सेकेंड एंट्री पर बुकिंग काउंटर का निर्माण भी इसी बजट में शामिल था। रेलवे की ओर से सड़क, नाला और बुकिंग काउंटर निर्माण के लिए टेंडर किया गया। इसके बाद दिसंबर 2021 में नाला निर्माण का कार्य शुरू हुआ। मालगोदाम रोड की मोड़ से लेकर रेलवे कॉलोनी तक बनने वाले नाले के काम में शुरू से ही अनियमितता बरतने की शिकायतें आईं थीं। बताया जाता है कि हस्तक्षेप बढ़ने के बाद ठेकेदार निर्माण कार्य को आधा अधूरा छोड़कर चला गया है।
यह कहते हैं लोग
रेलवे स्टेशन की सेकेंड एंट्री के सामने ही किराने की दुकान चलाने वाले मोहम्मद साविद खां ने बताया कि पिछले पांच साल से मालगोदाम रोड का निर्माण नहीं हुआ है। इसकी वजह से रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वालों को ही नहीं, रेलवे कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, लाला तेली बजरिया के निवासियों को भी काफी समस्या होती है।
चंदर कुमार का कहना है कि रिक्शे वालों को सवारी लाने में पसीने छूट जाते हैं। सड़क किनारे मलबा पड़ा हुआ है। जरीफ ने बताया कि सड़क और नाला निर्माण में भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मोहल्ला लाल तेली बजरिया में रहने वाले विक्की सक्सेना का कहना है कि मालगोदाम रोड गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। रोड का निर्माण होना था, वह भी रुक गया।
अमरोहा की निर्माण कंपनी दिलशाद एसोसिएट को मालगोदाम रोड, नाला व बुकिंग काउंटर निर्माण का टेंडर दिया गया था। 87 लाख रुपये के बजट से निर्माण कार्य होना था। दिसंबर में नाला निर्माण का कार्य भी शुरू हुआ था लेकिन ठेकेदार ने बीच में काम रोक दिया और अब फोन भी नहीं उठा रहा है। उसने जो कार्य करवाया था उसमें कमियां मिली थीं, जिसके लिए 3.75 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। अब दोबारा से टेंडर होगा, तभी काम शुरू हो पाएगा। - अनिल कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, शाहजहांपुर, उत्तर रेलवे