मृतक के बेटे ने दी तहरीर
इधर, देर शाम मृतक के बेटे प्रियांशु मिश्रा थाने में पहुंचे। उन्होंने दी तहरीर में पुलिस को बताया कि रविवार को दोपहर 12 बजे पिता के आत्महत्या करने की सूचना फोन पर उन्हें मिली थी। मां के साथ यहां आने पर कुछ लोगों ने उन्हें बताया, पिता ने आत्महत्या नहीं की है। एक माफिया खाद लेने के लिए जबरदस्ती कर रहा था। मना करने पर मारकर लटका दिया।
मां को पिता ने बताया था कि दो वर्ष पूर्व जो मुकदमा चल रहा है। उसमें समझौते का दबाव बनाने के साथ उन्हें धमकी दी जा रही है। पिता ने मां को यह बी बताया था कि 15-20 लोगों पर उनके रुपये उधार थे, जो उन्हें नहीं दे रहे थे। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाए।
चार साल पहले हुई थी लूट, मशीन तोड़ दी थी
सचिव दिनेश मिश्रा के साथ चार साल पहले लूट की वारदात हुई थी। उन्होंने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उन लोगों ने गोदाम खोलते समय वसूली के 50 हजार रुपये लूट लिए। सरकारी दस्तावेज निकाल लिए और मशीन भी तोड़ दी थी।
ये भी पढ़ें- UP: कार में आपदा विशेषज्ञ ने की आत्महत्या, पत्नी से बात करते-करते काटा फोन, पिस्टल से खुद को मारी गोली
प्रत्येक शनिवार को बरेली जाते थे दिनेश : सचिव दिनेश मिश्रा की पत्नी मंजू मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को शाम तक पति घर आ जाते थे। एक दिन परिवार के साथ बिताकर सोमवार की सुबह ड्यूटी पर निकलते थे। इस बार शनिवार को वे घर नहीं आए थे। फोन किया था, जो मिला नहीं।
कार्रवाई की चेतावनी देने से कर्मचारी त्रस्त
चर्चा है कि अवकाश निरस्त कर लगातार कार्य कराने और बार-बार कार्रवाई की चेतावनी देने से कर्मचारी त्रस्त हैं। वहीं, मनमाने तरीके से शाखाओं पर एक ही कर्मचारी से कार्य करने से बैंक के कैश की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सहकारी बैंक के जीएम सौरव द्विवेदी ने बताया कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। विभाग उनके साथ है। भुगतान को लेकर कोई बात संज्ञान में नहीं आई है। सीओ तिलहर ज्योति यादव ने कहा कि मृतक के बेटे की ओर से तहरीर मिली है। हत्या का आरोप लगाया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एक दिन पहले गंभीर हालत में मिले थे निलंबित वरिष्ठ शाखा प्रबंधक
शनिवार को निलंबित वरिष्ठ शाखा प्रबंधक सतीश चंद्र वर्मा रेलवे ट्रैक पर पड़े मिले थे। उनका एक पैर और एक हाथ कट गया था। उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है। रविवार को जौरा खास समिति के सचिव दिनेश मिश्रा समिति के गोदाम के अंदर फंदे से लटके हुए मिले हैं। दो दिन में सहकारिता विभाग के कर्मियों के साथ आत्मघाती कदम उठाने जैसी घटना होना कहीं न कहीं दबाव, उत्पीड़न या फिर मानसिक तनाव की ओर इशारा कर रहा है।