मुनारा बेगम, नगर पंचायत चेयरमैन। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। कांट नगर पंचायत अध्यक्ष मुनारा बेगम को शासन ने पद से हटा दिया है। बोर्ड की बैठकों में निर्धारित नियमों के अनुसार उपस्थित न होने के मामले में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। चुनाव होने तक नगर पंचायत का संचालन एसडीएम प्रशासक के रूप में करेंगे।
एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा ने बताया कि प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद की ओर से मंगलवार को आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जांच में अध्यक्ष का कई बोर्ड बैठकों में स्वयं उपस्थित न होना सामने आया। मुनारा बेगम ने जांच के दौरान बताया कि 28 जुलाई से 15 अक्तूबर 2025 के बीच हुई 17 बैठकों में से पांच में वह बीमारी के कारण शामिल नहीं हो सकीं। अस्पताल में भर्ती और बेड रेस्ट के दौरान उन्होंने अपने बेटे रईस मियां के माध्यम से वीडियोकॉल से बैठकों में भाग लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि मुनारा बेगम 27 फरवरी, तीन सितंबर और 23 सितंबर 2024 तथा 27 जनवरी और सात अप्रैल 2025 को हुई बोर्ड बैठकों में उपस्थित नहीं हुईं थीं। डीएम की रिपोर्ट में अध्यक्ष का प्रत्येक बोर्ड बैठक में स्वयं उपस्थित रहना आवश्यक बताया गया है।
इससे पहले सभासदों की शिकायत पर पूर्व सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने मामले की जांच की थी। आरोपों की पुष्टि के बाद जुलाई 2025 में मुनारा बेगम के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज किए गए थे। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अगस्त में उनके अधिकार बहाल कर दिए गए थे।
अब शासन ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 के तहत उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया है।
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राजनीतिक द्वेषभाव के चलते उन पर कार्रवाई कराई गई है। पूर्व में भी हमें न्यायालय से इंसाफ मिला था। न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। मामले को लेकर न्यायालय की शरण लेंगे।
-मुनारा बेगम, चेयरमैन नगर पंचायत