अमर उजाला में 16 नवंबर को प्रकाशित खबर। स्रोत अमर उजाला
पुवायां। भैंसी नदी की जमीन पर सरसों की फसल तैयार किए जाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी, लेकिन कब्जेदार ने खुद ही फसल को जोतकर नदी भूमि को खाली कर दिया।
नदी पुनर्जीवन अभियान के तहत डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने भैंसी नदी का चयन किया था। लगभग 20 साल से सूखी नदी को खोदाई कराई गई थी और नदी किनारे पौधरोपण भी कराया गया था। फिर भी नदी में पानी नहीं आ सका है। इसका लाभ उठाते हुए कुछ लोग नदी की जमीन पर खनन करने लगे।
कुछ दिन पूर्व गांव बसंतापुर के एक व्यक्ति ने नदी की जमीन पर जोताई कर सरसों की बोआई कर दी। नदी पुनर्जीवन अभियान में लगे स्वयंसेवकों ने सरसों की फसल के फोटो, वीडियो ग्रुप में डालकर अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने मामले में जांच और कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी।
अमर उजाला ने 16 नवंबर के अंक में खबर को प्रकाशित किया। इसके बाद कब्जेदार ने फसल की जोताई कर नदी भूमि को खाली कर दिया। उधर स्वयंसेवकों ने अवैध रेत खनन का आरोप लगाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर डालकर नदी से खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अमर उजाला में 16 नवंबर को प्रकाशित खबर। स्रोत अमर उजाला