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Shahjahanpur News: बैंक मैनेजर पर जानलेवा हमले में दोषी को दस वर्ष कारावास

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शाहजहांपुर। बैंक मैनेजर पर जानलेवा हमले के दोषी रमजान खां को अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
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हरदोई की आवास विकास कॉलोनी के मूल निवासी और सिंधौली के बैंक आफ बड़ौदा में शाखा प्रबंधक अंकुर सोनी ने पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 12 अप्रैल 2017 को वह शाम 06:30 बजे कार्यालय का काम निपटाकर बाइक से घर जा रहे थे।
सिंधौली से शाहजहांपुर रोड पर पीछे से एक बोलेरो आई और गाड़ी के ड्राइवर ने हाथ देकर उनकी बाइक रुकवा ली। उन्होंने साइड में बाइक रोकी तो गाड़ी से लाठी-डंडे और रायफल लेकर उतरे पांच-छह लोगों ने उन पर फायर झोंक दिया। अन्य लोगों ने उस पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया।
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गोली चलाने वाले व्यक्ति को वह पहचानते थे। वह भटपुरा रसूलपुर के प्रधान का पति रमजान खां था। इस बीच उसके सहकर्मी आ गए। उन लोगों ने गाड़ी में बैठते हुए धमकाया कि अगर प्रधान का काम नहीं करोगे तो जिंदा नहीं बच पाओगे।
घायल बैंक मैनेजर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रमजान पर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने रमजान खां और चार-पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रताप सिंह प्रथम ने रमजान खां को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई।

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दहेज हत्या में दोषी पति को दस वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। दहेज हत्या में दोषी पति को अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सास और ससुर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मतानी की रहने वालीं मोनी ने 31 जुलाई 2022 को तिलहर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि बेटी नैंसी की शादी लगभग छह साल पहले धीमर गौटिया गांव के रहने वाले राजेश कुमार से की थी। नैंसी के दो बच्चे हैं।
ससुराल के लोग राजेश के रोजगार के लिए एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। इस कारण बेटी को परेशान करते थे। 30 जुलाई 2022 को पति राजेश, ससुर सुरेश और सास चंद्रकली ने नैंसी की हत्या कर दी। सूचना पर जब वह नैंसी के घर पहुंचीं तो उसके सिर से खून बह रहा था और मृत हालत में पड़ी मिली।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा। अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने राजेश को दोषी पाया। उसे दस वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। वहीं, सुरेश और चंद्रकली को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। अदालत ने मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत करने पर वादी मोनी के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत प्रकीर्ण वाद संस्थित करने के आदेश दिए। संवाद
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