पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव माेहनपुर बलरामपुर में वीरपाल की 15 वर्षीय पुत्री शिवांगी ने चाकू से खुद ही गला रेतकर जान देने की कोशिश की। शिवांगी की राजकीय मेडिकल कॉलेज में हालत खतरे से बाहर है।
वीरपाल की पांच पुत्रियां हैं, एक की शादी हो चुकी है। घर पर मौजूद चार पुत्रियों को बुखार आने के साथ शरीर पर दाने निकले हुए हैं। परिजनों के अनुसार कुछ लोगों ने चेचक बताया। शिवांगी कहती थी कि चेचक माता का प्रकोप होता है। वह परिजनों से पूजा-पाठ करने के लिए कह रही थी। दो दिन पूर्व शिवांगी की बुआ की शादी हुई थी। शादी में बैंडबाजा बजने और ज्यादा मिर्च, मसाले के प्रयोग को लेकर भी शिवांगी को एतराज था। उसका कहना था कि पूजा न होने और मिर्च-मसाले ज्यादा प्रयोग किए जाने के कारण ही वह और बहनें ठीक नहीं हो पा रही हैं।
बुधवार सुबह चारों बहने आंगन में लेटी थीं। अचानक शिवांगी कमरे में चली गई और चाकू से गला रेतने की कोशिश की। शिवांगी की बहन कमरे में पहुंची और उसकी गर्दन से खून निकलता देख शोर मचाया तो परिजनों ने उससे चाकू छीना और सीएचसी लाए। सीएचसी से शिवांगी को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जानकारी पाकर पुलिस भी गांव पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली।
गांव मोहनपुर बलरामपुर में एक किशोरी ने खुद ही चाकू से गला रेतने का प्रयास किया। किशोरी की हालत खतरे से बाहर है। मामले की जांच कराई जा रही है।
-दीक्षा भंवरे अरुण, एसपी ग्रामीण