खुटार। कोचर फार्म के पास रविवार रात वन चौकी से चंद कदम दूर जंगल में कीमती सागौन का पेड़ काट दिया। इसके बाद एक आरा मशीन पर लकड़ी को चिरान के लिए भेजा गया। मामला डीएफओ के संज्ञान में पहुंच चुका है, लेकिन वनकर्मी इसे दबाने लगे हैं।
गोला रोड पर कोचर फार्म के निकट जंगल किनारे वन विभाग की चौकी है। रविवार रात यहां से करीब सौ मीटर दूर किसी ने सागौन का एक पेड़ काट डाला। इसकी कीमत एक लाख से अधिक बताई जा रही है। सोमवार सुबह लकड़ी के बोटे नगर की आरा मशीन पर चिरान के लिए भेजे गए। वहां आधी लकड़ी का चिरान हो चुका था और आधी लकड़ी के बोटे पड़े हुए थे।
पेड़ की जड़ पर मिट्टी डालकर कटान छिपाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने इसकी जानकारी वनकर्मियों को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर मामले की शिकायत डीएफओ से की गई। हरकत में आए वनकर्मी मामले को दबाने में लगे हुए हैं। रेंजर डीएस यादव ने मौके पर पहुंचकर जांच कराने की बात कही है।
चर्चा है कि वनकर्मियों की मिलीभगत से ही जंगल में पेड़ काटा गया है। एक वनकर्मी ने बताया कि यह लकड़ी बाहर भेजी जानी थी, इसीलिए खुटार में ही चिरान कराया है।
बंद पड़ी रहती है चौकी, नदारद रहते वन दरोगा
फत्तेपुर बीट में जिस जगह सागौन का पेड़ काटा गया है, उसके पास बनी वन चौकी बंद पड़ी रहती है। पास बने एक कमरे में दिन में एक-दो वाचर कभी-कभार पहुंच जाते हैं। लोगों का कहना है कि वन दरोगा कभी-कभी आते हैं।
जंगल में पेड़ कटान की सूचना मिली थी। स्टाफ को मौके पर भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर
बोटे गायब, जड़ की हुई खोदाई
खुटार। डीएफओ ने रेंजर को जांच करने के निर्देश दिए, लेकिन रेंजर शाम सात बजे आरा मशीन पर पहुंचे, तब तक लकड़ी के बोटे गायब किए जा चुके थे। जंगल में काटे गए पेड़ की जड़ की खोदाई के बाद मिट्टी डाल दी गई थी। रेंजर ने मिट्टी हटवाई तो जड़ मिल गई। मौके पर मौजूद वन दरोगा ने कहा कि ये जड़ काफी दिनों पुरानी है। रेंजर डीएस यादव ने बताया कि आरा मशीन पर सागौन के बोटे नहीं मिले हैं, जंगल में मिट्टी में दबी हुई एक जड़ मिली है। जिम्मेदार वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खुटार में एक आरा मशीन पर पड़ी जंगल से काटे गए पेड़ की बोटें- फोटो : KHUTAR