बरेली में आयोजित कार्यक्रम में नवाचार करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। स्रोत: स्वयं
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शाहजहांपुर। जिन विषयों को कठिन मानकर बच्चे उनसे पीछा छुड़ाते हैं, उनको रोचक ढंग से पढ़ाने के लिए जिले के कुछ शिक्षकों ने नवाचार किया है। वे बच्चों को काव्य के अंदाज में गाकर समझाते हैं। इस शैली को अधिकारियों ने भी पसंद किया है। इसके लिए शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन ने बरेली में शिक्षकों को सम्मानित भी किया।
गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय को कठिन मानकर छात्र-छात्राएं ज्यादा रुचि नहीं लेते हैं। ऐसे में जिले के कुछ शिक्षकों ने नया रास्ता निकाला। उन्होंने मंथन करने के बाद काव्य के अंदाज में पढ़ाना शुरू किया तो बच्चों ने कक्षा से दूरी बनाना बंद कर दिया। शिक्षकों ने संबंधित वीडियो शेयर करते हुए उत्तर प्रदेश शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन को मेल किया था।
संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार ने नवोन्मेषी प्रयासों की सराहना की। संस्था ने पूरे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कार्य करने वाले शिक्षकों को आमंत्रित किया। रोटरी भवन बरेली में हुए कार्यक्रम में संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद चौहान व जिलाध्यक्ष पारुल मौर्य के नेतृत्व में कवि बालमुकुंद शुक्ल, लाल सिंह कुशवाहा, माला सिंह, विनीता चौरसिया, आशीष कुमार, राहुल गुप्ता व अवनीश पाल आदि शिक्षकों ने गद्य खंडों के साथ गणित, विज्ञान व अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों को काव्य के रूप में रोचक से ढंग से पढ़ाए जाने पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ख्याति प्राप्त कवयित्री व लेखिका सोनरूपा विशाल, राज्यमंत्री अरुण कुमार सिंह, विधायक संजीव अग्रवाल ने शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान कर बधाई दी। उनके नवाचारी प्रयासों की सराहना भी की गई। उपलब्धि पर बीएसए दिव्या गुप्ता, बीईओ ने उत्साहवर्धन किया है।