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राजकीय मेडिकल कॉलेज में भीड़, तीमारदार भी लाइन में लगकर हो जाएं बीमार

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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में वर्तमान समय में आम दिनों की अपेक्षा दोगुने मरीज आ रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण बुखार, डायरिया, पेट में दर्द समेत कई रोगों से ग्रसित मरीजों को डॉक्टर तक अधिक समय नहीं दे पा रहे हैं। मेडिसिन काउंटर पर इस कदर भीड़ है कि तीमारदार भी लाइन में लगकर बीमार हो जाएं। एक घंटे के बाद भी मरीजों का नंबर दवा लेने को नहीं आ पा रहा।
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जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आस जगी थी। उसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया। पहले से ही डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज में बड़े पैमाने पर मरीज पहुंच रहे हैं। आम दिनों में 800 से 1200 तक होने वाली ओपीडी में शुक्रवार को मेल ओपीडी में 899 और फीमेल ओपीडी में 769 मरीज पहुंचे। बुखार, खांसी, पेट दर्द, डायरिया समेत कई रोगों से जूझ रहे मरीज डॉक्टरों के चैंबर के सामने लंबी लाइन लगाने को मजबूर हैं। भीड़ को देखकर डॉक्टरों की भी बेचैनी बढ़ गई। ज्यादा भीड़ के कारण मरीजों को डॉक्टर अधिक समय देने के बजाय आधी बात पूछकर ही वापस कर रहे हैं।
इसी तरह मेडिसिन काउंटर पर दवा प्राप्त करना भी जंग से कम नहीं है। यहां पर पुरुषों के लिए दो और महिलाओं के लिए एक काउंटर बनाया गया। दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। भीषण गर्मी में भयंकर भीड़ के कारण लाइन में लगकर तीमारदार तक बीमार होने की कगार पर पहुंच रहे हैं। काउंटर कम होने के कारण मरीजों को दवा लेने में देर लग रही है।
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239 दवाओं पर टिका मरीजों का इलाज, कई दवाओं की कमी
- मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि उनके पास दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। कॉरपोरेशन से तय 239 दवाओं के जरिये उनका इलाज किया जा रहा। डॉक्टरों की मानें तो फिनाइटोइन 100 मिलीग्राम, मेट्रोजिन 100 एमजी, एनएस 500 एमएल, प्रीगा बालिन आदि दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण मरीजों को बाहर की दवा लिखी जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सभी दवाइयां उपलब्ध हैं मगर महंगी दवाइयां मेडिकल स्टोर पर ही मिल रही हैं।
स्ट्रेचर पर मरीजों का इलाज
-भीषण गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में बड़े पैमाने पर इजाफा हुआ है। 330 बेड के अस्पताल में शुक्रवार को 390 मरीज भर्ती थे। मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा है। कुछ मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड डलवाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीज भर्ती होने की वजह से अस्पताल प्रशासन भी काफी परेशान है।
मरीजों की बात
सेहरामऊ दक्षिणी निवासी दीपक नागर पाल ने बताया कि मां की दवा लेने के लिए पिछले एक घंटे से इंतजार में खड़े हुए हैं। अभी तक नंबर नहीं आया है। भीषण गर्मी के कारण हमारी ही तबीयत खराब होने लगी है। गर्रा फाटक के पास रहने वाले रेहान ने बताया कि सुबह मां को लेकर दवा लेने आए थे। काफी इंतजार के बाद डॉक्टर तक पहुंच पाए। डॉक्टर ने भी पूरी बात नहीं सुनी। फटाफट दवा लिख दी। पुवायां के मनोज कुमार ने बताया कि काफी देर से लाइन में लगे हैं अभी तक दवा लेने का नंबर नहीं आया है। पुवायां के मनोज के मुताबिक दवा लेने के लिए आने पर पूरा दिन खराब हो जाता है। सिर्फ एक पर्चा काउंटर है। उस पर लंबी लाइन लगती है। दवाएं भी बाहर की लिखकर दी जाती हैं।
इस समय मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। ओपीडी में भी मरीज काफी ज्यादा आ रहे हैं। स्टाफ की कमी है जिसके चलते कुछ दिक्कतें आ रही है। इसकी व्यवस्था की जा रही है। - राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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