शाहजहांपुर। बच्चों का शरीर दुर्बल होना, पढ़ने में मन नहीं लगना और कमजोरी को गंभीरता से लें। संभव है कि बच्चे के पेट में कीड़े होने से उसे इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो। बच्चों और बड़ाें को पेट के कीड़ाें से छुटकारा दिलाने के लिए शनिवार को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। जिले में 11 लाख 35 हजार 1190 लोगाें को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
कृमि मुक्ति दिवस शनिवार को मनाया जाएगा। इसके तहत ददरौल ब्लॉक के अकर्रारसूलपुर स्थित सरकारी स्कूल में सीएमओ डाॅ.आरके गौतम अपने सामने दवा खिलाएंगे। एसीएमओ डाॅ.गोविंद स्वर्णकार ने बताया कि पेट में कीड़े होने पर बच्चा रक्ताल्पता का शिकार हो जाता है। एक से 19 साल तक के लोगों को आंगनबाड़ी और आशा के जरिये गोलियां खिलाई जाएंगी। छूटे बच्चों के लिए 15 फरवरी को फिर से अभियान चलाएंगे।
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पेट में कीड़ों से नुकसान
-ग्रामीण इलाकों में नंगे पैर चलने पर कृमि के अंडे पैरों के तलवों से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
-पैर में खुजली होने के साथ बच्चा एनेमिक हो जाता है।
-पढ़ने में मन नहीं लगता, कमजोरी आ जाती है।
-ज्यादा कीड़े होने पर आंत ब्लॉक होने पर ऑपरेशन की स्थिति बन जाती है।
-लीवर में फोड़ा होने की आशंका भी रहती है।
डॉ.गोविंद स्वर्णकार, एसीएमओ
इतनी खिलाई जाएगी दवा
-एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली
-दो से सात साल के बच्चे को गोली पीसकर खिलानी है।
-सात साल के ऊपर के बच्चे को गोली चबाकर खिलानी है।