'अग्निवीरों के सामने चार साल बाद रोजगार की चुनौती'
शरद शरन ने कहा कि चार साल की सेवा अवधि युवाओं के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा करती है। सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों के सामने रोजगार और सामाजिक जीवन को लेकर कई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं।
उन्होंने फौजी का मनोबल और आत्मबल देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। यदि सैनिक का आत्मबल कमजोर होगा तो इसका खतरा केवल किसी व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की सुरक्षा और अस्तित्व पर असर पड़ेगा। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, महानगर अध्यक्ष चौधरी रामकुमार भोजवाल, सैयद रिजवान आदि मौजूद रहे।