शाहजहांपुर। 27 साल पहले दुष्कर्म के बाद बेटे को जन्म देने वाली पीड़िता ने पुलिस को अपनी व्यथा बताई थी तो पुलिस विश्वास करने को तैयार न हुई। बेटा बड़ा हुआ। मां को हौसला दिया। वह कोर्ट गई। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद डीएनए टेस्ट में सच्चाई सामने आ गई। अब पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
लखनऊ में रह रही एक महिला ने चार मार्च 2021 को कोर्ट के आदेश पर सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि 1994 में वह सदर बाजार थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में अपनी बहन और बहनोई के पास रहती थी। तब उसकी आयु महज 12 वर्ष थी। एक बार मोहल्ले के रहने वाले नकी हसन उर्फ ब्लेडी ड्राइवर ने उससे दुष्कर्म किया था। अगले दिन नकी का भाई गुड्डू उसके घर में घुस आया और उसने भी दुष्कर्म किया।
आरोपियों के दबंग होने और लोकलाज के डर से वह चुप रह गई। इससे आरोपियों के हौसले बढ़ गए। दोनों भाइयों ने लगभग दो साल तक उससे दुष्कर्म किया।
अकेलेपन का दंश झेला फि र मिला बेटा
घरवालों ने पीड़िता के बड़े होने पर सन 2000 में उसकी शादी गाजीपुर के एक व्यक्ति से कर दी। कुछ दिनों बाद जब उसके पति को महिला के अतीत के बारे में पता चला तो उसने संबंध विच्छेद कर लिए। अब पीड़िता फि र से अकेली पड़ गई। कुछ साल बाद जब बेटा बड़ा हुआ तो उसे अपनी असली मां के बारे में जानकारी हुई तो वह पीड़िता के पास आ गया। इससे पीड़िता को हौसला मिला। बेटे ने भी अपने मां की व्यथा सुनी। मां से बोला- भले ही वारदात को दशकों बीत गए लेकिन न्याय मिलना चाहिए। बेटे के प्रेरित करने के बाद महिला ने इंसाफ की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया। पुलिस के पास गई। पुलिस ने यकीन नहीं किया। फि र अदालत की शरण ली।
आरोपियों ने मारपीट कर चुप करा दिया
घरवालों को दुष्कर्म की जानकारी तब हुईख जब पीड़िता गर्भवती हो गई। परिजन ने उससे पूछा तो पूरी कहानी सुना दी। सुनकर घरवाले सन्न रह गए। उन्होंने आरोपियों से शिकायत की तो उन लोगों ने मारपीट कर धमका दिया। घरवालों ने गर्भपात कराने का प्रयास किया लेकिन डॉक्टर ने पीड़िता की जान को खतरा बता दिया। उसने एक बेटे को जन्म दिया। घरवालों ने हरदोई के रहने वाले एक दंपती को बच्चा दे दिया। दंपती बच्चे का पालन-पोषण करने लगे।
सिर्फ बयान से आगे बढ़ी जांच
अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। 27 साल पुरानी वारदात होने के कारण पुलिस के पास पीड़िता के बयान के अलावा अन्य कोई साक्ष्य नहीं था। तब पुलिस ने बेटे और आरोपियों का डीएनएन टेस्ट कराया। बुधवार को बेटे का डीएनए आरोपी गुड्डू से मैच हुआ है। इससे पीड़िता की बात पर मुहर लग गई है। लेकिन आरोपी गुड्डू और नकी हसन पुलिस की पहुंच से दूर हो गए हैं। महिला के दर्ज मोबाइल नंबर पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
डीएनए रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित महिला से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
-संजय कुमारख एसपी सिटी।