पुवायां । गांव मुड़िया वैश्य में रागिनी (26 वर्ष) की उसके पति सोहन द्वारा दीवार से सिर भिड़ाकर हत्या की जानकारी पर मंगलवार की देर रात उनके मायके वाले पहुंच गए। उन्होंने बताया कि दामाद सोहन का व्यवहार हैवानों जैसा है। रागिनी का मानना था, वह सुधर जाएगा। इस कारण वह चुपचाप मारपीट सहती रही।
उन्नाव के थाना पुरवा के गांव मंगतेड़ा निवासी रागिनी की मां बिंदेश्वरी साहू और सचिन की पत्नी अंशू साहू ने बताया, चार वर्ष पूर्व उनकी ननद ने सोहन से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद रागिनी मायके से कुछ दूर गांव खड़गीखेड़ा में सोहन के संग किराये पर रहने लगी थी। नशेड़ी सोहन तीन माह बाद ही रागिनी को पीटने लगा था। रागिनी जब भी उनसे मिलती तो उसके शरीर पर चोट होती थी।
उन्होंने रागिनी से पुलिस की मदद लेने के लिए कहा, लेकिन रागिनी ने सुधार की गुंजाइश में कार्रवाई नहीं की। बाद में सोहन अपने गांव जाकर रहने लगा तो मारपीट के कारण रागिनी ने कई बार पुलिस को तहरीर दी, लेकिन सोहन हर बार सांठगांठ कर लेता। रागिनी ने कॉल कर इसकी जानकारी भाभी को दी थी।
15 दिन पूर्व सोहन ने रागिनी को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद रागिनी मायके आ गई थी, उसकी हालत बेहद खराब थी। भाभी और मां ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रागिनी का पांच माह का गर्भपात हो गया। पांच दिन भर्ती रहने के बाद बमुश्किल उसकी जान बची।
इसके बाद 21 दिसंबर को रागिनी को सोहन जबरन मायके से ले गया। वह रागिनी के मायके वालों से पांच हजार रुपये भी मांग रहा था। अंशू ने उसे 500 रुपये दिए थे। बुधवार सुबह रागिनी का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। सोहन के भाई सुभाष ने मुखाग्नि दी। इधर, मां की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सोहन से डरते हैं ससुराल के लोग
अंशू ने बताया कि सोहन नशेड़ी होने के साथ दबंग प्रवृत्ति का है, इस कारण वे लोग उससे डरते थे। रागिनी एक बार ससुराल नहीं जाना चाहती थी तो सोहन छह लोगों को लेकर उनके घर में घुस गया। रागिनी को जबरन ले गया। एक बार उसने पुलिस से भी फोन कराया था कि रागिनी को भेज दो नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। प्रेम विवाह के समय भी परिजन खिलाफ थे, लेकिन सोहन की दबंगई और रागिनी की जिद के कारण चुप रहे। मां ने कहा कि सोहन ने उसकी फूल सी बच्ची को मार डाला, उसे फांसी की सजा होनी चाहिए।
रागिनी को मारने की दी थी धमकी
अंशू और बिंदेश्वरी ने कहा कि अगर वे लोग सोहन के इरादे भांप जातीं तो वे लोग रागिनी को उसके साथ नहीं भेजते। 21 दिसंबर को सोहन जब रागिनी को मायके से लेकर चला तो उसने कहा भी था कि वह रागिनी को मार देगा। मायके के लोगों ने उसकी धमकी को नशे में कही बात समझकर ध्यान नहीं दिया।
मोबाइल पर कॉल करते पकड़ा तो सिम चूल्हे में झोंका, इस वजह से पीटा
सोहन को पत्नी की हत्या का कोई पछतावा नहीं है। थाने में पूछताछ के दौरान वह अपने बचाव में कहानी गढ़ता रहा। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान के अनुसार, सोहन ने बताया है कि रागिनी के पास एक की-पैड मोबाइल फोन था। उसने कई बार मोबाइल चेक किया तो उसमें सिम नहीं मिला। मंगलवार को वह बाजार से लौटा तो रागिनी किसी से मोबाइल पर बात कर रही थी। उसे देखकर रागिनी ने सिम निकालकर चूल्हे में झोंक दिया। इसके बाद वह गांव पटई गया और शराब लाकर पी। सिम के बारे में पूछा तो रागिनी ने मना कर दिया। इस पर उसने रागिनी को काफी देर तक पीटा, तब रागिनी ने सिम होने की बात कबूल की थी।
मारपीट में रागिनी के सिर में ज्यादा चोट लग गई तो उसके कहने पर ही सोहन ने चोट धुलवाई थी। खाना बनाने के लिए कहने पर रागिनी ने कहा कि उसके ज्यादा चोट है, इस कारण खाना वह खुद बना ले। खाना बनाने के दौरान भी वह रागिनी को आवाज देता रहा तो वह जवाब देती रही, लेकिन बाद में रागिनी की मौत हो गई। उसने खाना नहीं खाया। रात में पड़ोस में भाभी को जानकारी देने गया तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। मां को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी जाकर सो जाओ, सुबह देखेंगे। सुबह गांव के लोगों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने सोहन का चालान कर दिया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया है।
24 दिसंबर को रागिनी की हत्या की जानकारी मिलने पर शव पोस्टमॉर्टम को भेजा गया था। रागिनी की मां ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी पति सोहन सिंह को जेल भेजा गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्ठा उपाध्याय, सीओ, पुवायां
पुवायां के गांव मुड़िया वैश्य निवासी रागिनी का फाइल फोटो। स्रोत मायके के लोग