शाहजहांपुर। करवा चौथ के त्योहार को अब दो दिन ही शेष बचे हैं। चार नवंबर को करवा चौथ मनाया जाएगा। सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखेंगी और शाम को चंद्र दर्शन के साथ पति के हाथ पानी पीकर परायण करेंगी। करवा चौथ को लेकर बाजार में परंपरागत चीजें की खरीदारी की जा रही है। रविवार को अवकाश का दिन होने की वजह से बाजार में काफी रौनक रही, महिलाओं ने मिट्टी और कांसे के करवा खरीदे, तो साड़ी की दुकानों पर भी खूब भीड़ जुटी। इसके साथ ही चूड़ा, चावल और पूजा का सामान भी खरीदा गया।
रविवार को शहर के गोविंदगंज, सदर बाजार, बहादुरगंज, चौक, जलालनगर समेत सभी छोटे-बड़े सभी बाजारों में करवा चौथ की खरीदारी को लेकर रौनक रही। महिलाएं अपनी पसंद की साड़ी खरीदने पहुंचीं। इसी के साथ ही बर्तन की दुकानों पर करवा खरीदने के लिए लोग पहुंचे। डिजाइनर करवा की मांग सबसे ज्यादा हुई। कास्मेटिक की बिक्री भी हो रही है। त्योहार को लेकर खरीदारी के ग्राहक पहुंचने से दुकानदारों के चेहरे खिल उठे है। सुबह दुकानें खुलने के साथ ही ग्राहकों का आना शुरू हो गया था। व्यापारी सुनील तुली ने बताया कि लॉकडाउन के चलते सुस्त पड़ा बाजार एक बार फिर से चल निकला है। इससे कारोबारियों में खुशी है।
बाजार में आया एक लाख रुपये में चांदी का करवा
करवा और छलनी की उपयोगिता के चलते रविवार को बाजार में इनकी खूब रहीं, मिट्टी, कांसे के साथ ही चांदी का करवा भी बिक रहा है। बाजार में एक लाख रुपये का करवा आया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है।
मेहंदी और मेकअप के लिए हो रही बुकिंग
ब्यूूटीशियन रचना सिंह ने बताया कि महिलाओं ने बुकिंग करानी शुरू कर दी है। करवाचौथ को लेकर वह कई ऑफर भी दे रहीं है। इससे महिलाओं को कम रुपयों में अच्छा मेकअप मिल सके। वहीं कास्मेटिक की दुकानों पर खासी भीड़ रही।
महिलाओं ने खरीदें चूड़ा-चावल और सीकें
करवाचौथ पर पूजन के लिए महिलाओं ने चूड़ा-चावल और सीकें खरीदी। करवाचौथ की कथा लिखे कैलेंडरों की खूब बिक्री हुई। दुकानदारों ने बताया कि पूजा का सामान पुराने रेट में बिक रहा है, चूड़ा और चावल 100 रुपये प्रति किलोग्राम और सींके पांच रुपये की सात बिक रहीं। कैलेंडर पांच रुपये का है।
मिट्टी का करवा, चूड़ा, चावल और सींकों की बिक्री हर साल की तरह हो रही है। सुहागिनें पति की दीर्घायु के लिए पूजा करती हैं। किसी भी चीज के रेट नहीं बढ़े हैं, पुराने दाम में ही सामान बेचा जा रहा है। - पातीराम, मिट्टी करवा व पूजा सामग्री विक्रेता
करवाचौथ पर पूजन के लिए करवा सबसे जरूरी है, चांदी के करवा भी बिक रहे हैं। जिनकी कीमत 10 हजार से शुरू होकर एक लाख रुपये तक है। चांदी का करवा आकर्षक डिजाइन के साथ आए हैं। - विनोद गुप्ता, सराफा व्यापारी
सात महीने बाद बाजार में रौनक देखने मिल रही है। करवाचौथ के त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह है। महिलाएं अपनी पसंद की साड़ियां खरीदने आ रहीं हैं। सिल्क की साड़ियां और लहंगे बिक रहे हैं। - गुरदास सिंह, साड़ी विक्रेता
सिल्क और बनारसी साड़ियां हमेशा से महिलाओं की पसंद रहीं है। इस बार भी सिल्क की साड़ी की मांग ज्यादा है। पिछले साल की अपेक्षा बाजार नहीं है, लेकिन लॉकडाउन के बाद स्थिति सुधरी है। - देवेंद्र कुमार, साड़ी विक्रेता