शाहजहांपुर। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दुष्कर्म के मामले में दोषी जफर बेग को सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर उसे दस वर्ष के कारावास और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
सरकारी वकील संजीव सिंह चौहान व उमेश चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि कांट थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री गर्भवती है। पूछताछ के बाद लड़की ने बताया कि बरेंडा गांव निवासी जफर बेग कई माह से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। परिजन को बताने पर जान से मारने की धमकी देता है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अभियुक्त जफर बेग के खिलाफ सात अगस्त 2012 में धारा 376 व 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचक ने पीड़िता और गवाहों के बयान लेने के बाद अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने सरकारी वकील संजीव सिंह चौहान व उमेश चंद्र अग्निहोत्री और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी जफर बेग को दोषी पाए जाने पर दस वर्ष की कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।