शाहजहांपुर। आसाराम को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने वाली बहादुर बिटिया और उसके परिवार की सुरक्षा सिर्फ दो सिपाहियों के सहारे है। गोंडा में आसाराम के आश्रम में लड़की की लाश मिलने के बाद पीड़िता के पिता ने सुरक्षा को बढ़ाने की मांग की थी। पुलिस के अधिकारियों के संज्ञान नहीं लेने के बाद पीड़िता के पिता ने उच्च अधिकारियों तक मामला ले जाने की बात कही है।
गोंडा आश्रम में लाश मिलने के बाद पीड़िता के पिता ने बताया था कि 21 मार्च को आसाराम के गुर्गे ने घर पर आकर परिवार समेत जान से मार देने की धमकी दी थी। उसने धमकी भरा पत्र भी फेंका था, जिसमें उनके व बेटी के लिए गालियां लिखी थीं। पूरे मामले को लेकर चौक इंस्पेक्टर से दो बार मुुलाकात की थी। इंस्पेक्टर ने चौकी इंचार्ज के पास भेज दिया था। पुलिस ने जांच में गुर्गे को पागल करार दे दिया, जिसके चलते उनके परिवार पर खतरा मंडरा रहा है।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने बताया कि परिवार की सुरक्षा के लिए पहले घर के बाहर पुलिस चौकी बनाई गई थी, जबकि अब सिर्फ दो सिपाही ही रह गए हैं। इसमें भी कभी एक ही सिपाही आता है। उन्होंने कहा कि आसाराम के गुर्गे द्वारा धमकाने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिलास्तरीय अधिकारी उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुन रहे हैं। लिहाजा वह सुरक्षा की फरियाद करने के लिए उच्च अधिकारियों के पास जाएंगे।
-दुष्कर्म पीड़िता के पिता व परिवार के पास जो सुरक्षा थी, वही है। अभी उनकी सुरक्षा में इजाफा नहीं किया गया है। -संजय कुमार, एसपी सिटी