शाहजहांपुर में रामनगर स्थित गुरुद्वारे में शबद कीर्तन करते जत्थे को सिरोपा भेंट करते पदाधिका
शाहजहांपुर। गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर रामनगर में श्री गुरुतेग बहादुर के शहीदी दिवस पर विशेष गुरमत समागम का आयोजन किया गया। संगत ने गुरुग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका। रागी जत्थे ने शबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
शुक्रवार सुबह श्री सुखमनी साहिब के पाठ किए गए। हुजूरी रागी अंग्रेज सिंह, गुरजीत सिंह ने कीर्तन किया। सरदार अरविंदर पाल सिंह की ओर से रखवाए गए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग पड़े। श्रीगुरु रामदास गुरमत संगीत विद्यालय रोजा के छात्रों ने गुरबाणी कर संगत को निहाल किया। याहियागंज, लखनऊ से आए भाई गुरमीत सिंह ने गुरु तेगबहादुर के जीवन पर रोशनी डाली।
बठिंडा से आईं बीबी अमनजीत कौर ने अपने जत्थे के साथ उपमा में शबद गायन किए। संस्था अध्यक्ष जगजीत सिंह ने बताया कि गुरु तेगबहादुर साहिब को औरंगजेब ने दिल्ली में कैद किया, जहां इन्हें कैद में बहुत कष्ट दिए गए। इनको धर्म परिवर्तन के लिए कहा गया। मना करने पर इनका सिर धड़ से अलग कर दिया था। संरक्षक अवतार सिंह ने सेवादारों को सिरोपा भेंट किए। इस मौके पर सरदार मंजीत सिंह, यश बग्गा, अजीत सिंह, महेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, स्वर्णदीप सिंह, गगनजोत रावल आदि मौजूद रहे।