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नरौरा बैराज से बढ़ी पानी की निकासी, नदियों के जलस्तर में गिरावट बरकरार

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जैतीपुर केसीनगला नगला गांव में कटान करती रामगंगा । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। नरौरा बैराज से अतिरिक्त पानी की निकासी बृहस्पतिवार को सुबह फिर पांच हजार क्यूसेक बढ़कर 33809 क्यूसेक हो गई। इसके बावजूद कलान और जलालाबाद तहसीलों में गंगा-रामगंगा के जलस्तर में लगातार सातवें दिन गिरावट जारी रही। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार कलान के भैंसार बांध पर गंगा आठ सेमी सिमटकर 142.22 मीटर पर बह रही है। उधर, रामगंगा का जलस्तर 21 सेमी घटकर 159.06 मीटर हो गया है। रामगंगा तेजी से उतार पर होने के कारण जैतीपुर से लेकर परौर क्षेत्र तक तटवर्ती गांवों में भूमि कटान तेज होने की आशंका बढ़ गई है। इस बीच, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के निर्देश पर सहायक अभियंता ने अवर अभियंताओं की टीम के साथ भूमि कटान वाले हिस्सों की निगरानी बढ़ा दी है।
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सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के बांधों-बैराजों से बृहस्पतिवार सुबह बाढ़ नियंत्रण कक्ष को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर बताया कि गत छह दिन से नरौरा बैराज से गंगा में डिस्चार्ज होने वाले पानी की मात्रा लगातार कम हो रही थी। इसलिए जनपद में ढाई घाट से लेकर मिर्जापुर और कलान क्षेत्र तक गंगा के जलस्तर में कमी आ रही है, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह नरौरा बैराज से पानी की मात्रा फिर बढ़ गई है। अतिरिक्त पानी की यह खेप शुक्रवार दोपहर बाद यहां पहुंचेगी। हालांकि, तार बाबू का कहना है कि गंगा के फैलाव को देखते अगले 24 घंटे तक गंगा के जलस्तर में गिरावट बनी रहेगी। गंगा के उतार पर होने के कारण मिर्जापुर क्षेत्र के पैलानी उत्तर, आजादनगर, इस्लामनगर और फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी व चितार के संपर्क मार्ग बाढ़ से मुक्त हो चुके हैं, लेकिन इन गांवों के आसपास पोखरों, गड्ढों और गंगा के किनारे निचली सतह वाले खेतों में भरा बाढ़ का पानी अभी तक नहीं निकल सका है।
उधर, रामगंगा में जितनी तेजी से पानी घट रहा है, उसे देखते आसपास के गांवों के ग्रामीण, विशेषकर वहां के किसान अपनी उपजाऊ जमीनें फिर से कटने की आशंका से परेशान हैं। परौर क्षेत्र में नारायणनगर पश्चिमी, मोहनपुर, बिचपुरी और दहिलिया आदि गांवों के पास जिन स्थानों पर भूमि कटान हो चुका है, नदी की तेज धारा से फिर कटान होने लगा है। ग्रामीण भी मानते हैं कि जब तक नदी में पानी का बहाव सामान्य नहीं होगा, कटान की समस्या बनी रहेगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर के निर्देश पर सहायक अभियंता अनूप कुमार ने दो अवर अभियंताओं के साथ कटान स्थलों का निरीक्षण किया और विभागीय ठेकेदार को ऐसे सभी स्थानों कटान रोकने को बालू से भरी बोरियां तैयार रखने के निर्देश दिए।
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केसीनगला में जमीन काट रही रामगंगा
जैतीपुर। रामगंगा में पानी उतरने के कारण केसीनगला गांव के लोगों को बाढ़ से थोड़ी राहत की सांस मिली, लेकिन इसी के साथ कटान की समस्या बढ़ने लगी है। गांव के करतार सिंह, नेकसू, नरेंद्र कुमार, विजय प्रकाश, पेशकार, माया सहाय, कमलेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा का जलस्तर कम होने से पहले हुए कटान के कारण नदी के किनारे जो मिट्टी के जो टीले बन गए थे, वह अब धूप और हवा लगकर नदी में खिसक रहे हैं। फिलहाल, रामगंगा गांव से करीब 20 से 25 मीटर दूर है, लेकिन भूमि कटान तेजहोने की दशा में नदी से गांव का फासला और कम हो जाएगा। ऐसी स्थिति में रिहायशी उपयोग की जमीनों को क्षति पहुंच सकती है। संवाद
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