पुवायां (शाहजहांपुर)। एनपीके और एनपी के रेट बढ़ाए जाने को किसानों ने गलत बताते हुए कहा कि इससे किसानों की कमर टूट जाएगी और काफी लागत के कारण खेती घाटे का सौदा हो जाएगा। किसानों ने कहा कि डीजल के रेट पहले ही रोज बढ़ रहे हैं, इससे सिंचाई की मद में काफी खर्च हुआ है। साथ ही बीज, दवाएं, खरपतवार नाशक के रेट भी बढ़ गए हैं।
अब एनपीके और एनपी खाद के रेट बढ़ने से आलू और गेहूं की फसलों की लागत काफी बढ़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि धान सरकारी रेट की अपेक्षा काफी कम रेट पर 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। धान खरीद में दलालों का बोलबाला है, अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। किसान की परेशानी खाद के रेट बढ़ने से और ज्यादा बढ़ गई है।
गेहूं और आलू की फसल में होता है इस्तेमाल
एनपीके और एनपी के साथ ही डीएपी का इस्तेमाल गेहूं और आलू की फसल में भरपूर किया जाता है। गेहूं की बुवाई के समय ही डीएपी और एनपीके, एनपी खाद डाली जाती थी। आलू में भी बुवाई के समय एनपीके, डीएपी डाली जाती है। गेहूं और आलू की बुवाई की समय है और ऐसे मौके पर एनपीके, एनपी के रेट बढ़ने से किसान चिंता में पड़ गया है।
धान 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, कोई देखने, सुनने वाला नहीं है। चुनावी वर्ष होने के बाद भी किसानों की प्रति उदासीनता से स्पष्ट है कि सरकार को किसानों की समस्याओं से लेना देना नहीं है। - सुखबीर सिंह, गांव फगुनिहाई बंडा
एनपीके और एपी की एक महीने में ज्यादा जरूरत है, ऐसे में दरों में बढ़ोतरी से फसल की लागत में इजाफा होगा और फसल घाटे का सौदा हो सकती है। समझ नहीं आता कि सरकार की मंशा क्या है। - प्रतिपाल सिंह, गांव रसूलपुर देवकली बंडा
जितने रेट बढ़े हैं, सरकार को उसके सापेक्ष सब्सिडी देनी चाहिए। एमएसपी सख्ती से लागू की जाए, जिससे कोई भी धान, गेहूं, गन्ना कम रेट पर न खरीद सके। किसानों की उपेक्षा सही नहीं है। - वीरपाल सिंह, भांभी पुवायां
इफको का एनपीके और एनपी का रेट बढ़ाना गलत है। कहा जा रहा है कि पुराना स्टाक पुराने रेट पर मिलेगा, लेकिन पुराना स्टॉक नया बताकर बेचा जाएगा और किसान शिकायत करेगा तो कोई सुनवाई नहीं होगी। - मनवीर सिंह, अखत्यारपुर धौकल बंडा
धान में लागत नहीं लौट रही है और अब एनपीके के रेट बढ़ने से गेहूं में भी लागत बढ़ जाएगी और फसल तैयार होने के समय सेंटर दलालों के कब्जे में चले जाएंगे। किसान दलालों के चंगुल में फंसा हुआ है। - कस्तूरी शर्मा, रूरा खुटार
किसान हित में सरकार को डीजल और खाद के रेट तत्काल घटाने चाहिए। किसान बेहद परेशान है और दलाल मौज में हैं। सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। गन्ने का भुगतान भी नहीं हो रहा है। - रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ खुटार
डीजल के बढ़ते दाम और ऊपर से खाद के दामों में बढ़ोतरी से किसान परेशान है। किसान अपना धान खुले बाजार में 1200 रुपये क्विंटल पर बेचने को मजबूर है। -अनिल कुमार वर्मा, प्रधान, गांव रुद्रपुर, तिलहर
वीरपाल सिंह, गांव भांभी पुवायां- फोटो : POWAYAN
मनवीर सिंह, अखत्यारपुर धौकल बंडा- फोटो : POWAYAN
कस्तूरी शर्मा, रूरा खुटार- फोटो : POWAYAN
सुखबीर सिंह, गांव फगुनिहाई बंडा- फोटो : POWAYAN
प्रतिपाल सिंह, रसूलपुर देवकली बंडा- फोटो : POWAYAN