खुटार (शाहजहांपुर)। छापाबोझी जंगल में कोरो के पेड़ काटने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद वन विभाग हरकत में आया। रेंज कार्यालय पर गांव नरौठा निवासी भूरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वनकर्मियों ने एक पेड़ की काटी गई लकड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
गौरतलब है, खुटार रेंज के फत्तेपुर और छापाबोझी जंगल में कोरो और सागौन के कीमती पेड़ों का कटान जोरों पर किया जा रहा है। डीएफओ आदर्श कुमार ने कटान रोकने के लिए कड़े निर्देश दे रखे हैं। इसके बावजूद सोमवार को छापाबोझी बीट में कुछ लोगों ने कोरो के पेड़ काट डाले थे। अमर उजाला ने आठ मार्च के अंक में कोरो के कीमती पेड़ काटे जाने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद वनकर्मी हरकत में आए और मौके पर पहुंच कर लकड़ी को कब्जे में लिया। फिर रेंज कार्यालय पर खुटार के गांव नरौठा निवासी भूरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वन दरोगा रामप्रसाद वर्मा ने बताया कि जंगल में कड़ी निगरानी की जा रही है। पेड़ काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे जिले में रहते हैं खुटार के रेंजर, इसलिए निगरानी ढीली
खुटार। जनपद में अगर वन संपदा की बात करें तो 90 प्रतिशत जंगल खुटार रेंज के पास है। इसके बाद भी जंगल की रखवाली में कोताही बरती जा रही है। खुटार के रेंजर का कार्यालय लखीमपुर खीरी जिले के मैलानी कस्बे में बना है और वह प्राय: वहीं रहते हैं। लोगों का कहना है कि रेंजर का भ्रमण नहीं होने से भी वनकर्मी मनमर्जी से काम करते हैं और कटान होता रहता है।