संवाद न्यूज एजेंसी
सेहरामऊ दक्षिणी। लखनऊ-पलिया नेशनल हाईवे पर बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद पांचवें दिन दो डॉक्टरों, एएनएम व आशा वर्कर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल को उसी दिन एसीएमओ डाॅ. पीपी श्रीवास्तव ने सील कर दिया था।
कस्बा निवासी अतुल कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि पत्नी रीता देवी गर्भवती थीं। 13 अगस्त की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी को लेकर पीएचसी पहुंचे। यहां से महिला की हालत गंभीर बताते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया, लेकिन आशा वर्कर रीता देवी को लेकर जारा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर आ गईं।
थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खलीलगर्वी निवासी डाॅ. फैज खां व गांव बादशाहनगर निवासी डाॅ. आरिफ, आशा वर्कर डाली कुमारी और थाना पिहानी के गांव चैना निवासी एएनएम शाइन ने बिना सूचना दिए रीता का ऑपरेशन कर दिया। यहां पर जच्चा-बच्चा की मौत होने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था। इंस्पेक्टर उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर दो डॉक्टरों, एएनएम व आशा वर्कर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।