पुवायां के चकलुआ घाट पर गोमती नदी से बोरियों को निकलता युवक
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पुवायां। गोमती नदी में चकलुआ घाट पुल के पास पानी में कई माह से तैर रही बोरियों की जांच करने मंगलवार को पुलिस मौके पर पहुंची। बोरियों को नदी से निकलवाकर देखा गया तो उनमें पशुओं के अवशेष भरे मिले। पशुओं के अवशेष मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को शक है कि खुटार क्षेत्र के कुछ गांवों के लोग इन अवशेषों को डाल जाते हैं।
गोमती नदी के पन्नघाट पर अज्ञात लोग बोरियों में कुछ भरकर नदी में डाल जाते थे। बोरियां डाले जाने के दो चार दिनों बाद महक आने लगती थी, इससे पन्नघाट पर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। लोगों ने बोरियां नदी में फेंकने वालों पर निगाह रखना शुरु किया तो वहां पर बोरियां डालने का काम बंद कर दिया गया। लेकिन कुछ दिनों के बाद ठीक उसी प्रकार से बोरियां गोमती नदी के चकलुआ घाट पुल से डाली जाने लगी। पुल से निकलने वाले लोग नदी में तैरने के कारण कोई अंदर घुसकर बोरियां खोलकर देखने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
बोरियों के अंदर से गंदी महक भी आ रही थी। इससे आसपास के लोग काफी परेशान थे। मामले की जानकारी पुवायां पुलिस को मिलने के बाद मंगलवार को पुलिस चकलुआ घाट पर पहुंची और उन बोरियों को नदी से बाहर निकलवाया। बोरियां खोलकर देखी गई तो उनमें पशुओं के अवशेष मिले। अवशेष मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता लगा कि बॉर्डर से लगे खुटार क्षेत्र के कुछ गांवों के लोग बोरियां डाल जाते हैं।
पुवायां पुलिस ने खुटार थाने को मामले की जानकारी देते हुए पशुओं के अवशेष नदी में डालने वालों की तलाश करने के लिए कहा है। कोतवाली प्रभारी केबी सिंह के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही हैं, कि नदी में किन लोगों ने बोरियां डाली है। उन्हें पकड़ा जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाएगी।
23 मार्च को प्रकाशित की थी खबर
गोमती नदी में तैर रही बोरियों की खबर को 23 मार्च के अंक में प्रकाशित की गई थी। इसमें इंस्पेक्टर ने मामले की जांच कराने की बात कही थी। इसके बाद मंगलवार को पुलिस मौके पर पहुंची और बोरियों को निकलवाया। इसमें पशुओं के अवशेष मिले हैं।
गोमती नदी के चकलुआ घाट पर मामले की जांच करती पुलिस- फोटो : KHUTAR