जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील मुख्यालयों और उनके अंतर्गत आने वाले नगर निकायों में बीपीएल श्रेणी की 5.94 लाख आबादी के नए राशन कार्ड बनने हैं। इस जनसंख्या में पात्र गृहस्थी वाले करीब 95 हजार राशन कार्ड पात्रता वाले परिवार होने का अनुमान है। इन परिवारों में लगभग छह लाख यूनिट आंके गए हैं। इनमें से अभी तक केवल 3.25 लाख यूनिट कंप्यूटरों पर लॉक हो पाए हैं। यह लक्ष्य के सापेक्ष बमुश्किल 55 प्रतिशत उपलब्धि है जबकि शासन के निर्देशानुसार फरवरी मासांत तक 64 प्रतिशत यूनिट लॉक हो जाने चाहिए।
जनवाणी केंद्र अधिकृत नहीं होने से बढ़ी दिक्कत
जिले की विभिन्न तहसीलों में 365 जनवाणी केंद्रों की तुलना में लोकवाणी केंद्र केवल 44 हैं। चूंकि, आपूर्ति विभाग ने डेटा संग्रह में अपनी सहूलियत को देखते नए राशनकार्डों के ऑनलाइन आवेदन के लिए केवल लोकवाणी केंद्र अधिकृत किए हैं। इसलिए उन लोगों को काफी दिक्कत हो रही है जिनकी पहुंच से लोकवाणी केंद्र दूर हैं। यही नहीं, लोकवाणी केंद्रों के संचालक विभाग द्वारा लागू की गई इसी बाध्यता का फायदा उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन का मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। यह मुद्दा बीते दिन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल प्रदर्शन के दौरान डीएम के नाम दिए ज्ञापन में उठाया जा चुका है, लेकिन अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि लोकवाणी केंद्रों पर आर्थिक शोषण की अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।
अपात्रों के ऑनलाइन आवेदन बढ़ा रहे समस्या
खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ पाने के लिए वे परिवार भी ऑनलाइन आवेदन की होड़ में शामिल हो गए हैं जो एपीएल श्रेणी में आते हैं। इसीलिए आवेदनों की छंटनी का काम बढ़ गया है। ऐसे आवेदनों की पात्रता निरस्त करने के लिए शासन ने कुछ मानक भी तय किए हैं। उदाहरणार्थ, यदि आप आयकर दाता हैं, परिवार में चार पहिया वाहन, एसी, पांच केवीए अथवा इससे अधिक क्षमता का जेनरेटर, सिंचित कृषि भूमि, शस्त्र लाइसेंस, एक सौ वर्गमीटर अथवा इससे अधिक क्षेत्रफल का स्वअर्जित मकान, प्लाट है तो खाद्य सुरक्षा गारंटी नहीं दी जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन के साथ जमा करें हार्ड कॉपी
जिन पात्र गृहस्थियों ने नए राशनकार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया है, वे निर्धारित प्रारूप पर लिखित आवेदन भरकर उसे नजदीकी आपूर्ति कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कर दें। शहर की नगरपालिका सीमा क्षेत्र सहित कांट व रोजा नगर पंचायत के आवेदक अपने आवेदन जिला आपूर्ति कार्यालय में जमा कर सकते हैं। इसी तरह तहसीलों के आपूर्ति कार्यालयों में उनसे संबंधित नगरीय क्षेत्रों के लिखित आवेदन जमा होंगे।
-अभय सिंह, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी