शाहजहांपुर। रोजा-शाहजहांपुर के बीच मोहम्मदी फाटक के पास शुक्रवार रात पटरी चटक गई। इससे रातभर ट्रेनें चटकी पटरी से गुजरती रहीं। शनिवार सुबह चाबी मैन ने देखा तो उसके होश उड़ गए। इसी बीच ट्रैक पर आ रही किसान एक्सप्रेस को पटाखा दगाकर और लाल झंडी दिखाकर रोकने का सिगनल दिया। इस पर चालक ने आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। हालांकि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ। हालांकि पटरी चटकने से बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
सामान्यत: सर्दियों में ट्रैक पर पटरियां चटकती हैं। यह सब तापमान गिरने के कारण लोहे की पटरियों के सिकुड़ने के कारण होता है। अक्तूबर महीने में इस तरह की घटनाएं न के बराबर ही हुई हैं। लेकिन शुक्रवार रात किसी समय रोजा-शाहजहांपुर के बीच पटरी चटक गई और रेलवे के अफसरों को इसकी जानकारी नहीं हुई। इस दौरान रातभर चटकी पटरी पर ट्रेनें दौड़ती रहीं। यह संयोग ही था कि कोई हादसा नहीं हुआ। सुबह करीब 6:30 बजे जब चाबी मैन प्रवेश कुमार उधर से गुजरा तो उसने पटरी चटकी देखी। इसकी सूचना उसने तत्काल रेलवे के अफसरों को दीं। इसके बाद आनन-फानन में मौके पर टीम के साथ पहुंचे रेल पथ सुपरवाइजर ने पटरी की जॉगल बंधवाई। इसके बाद ट्रेनों को गुजारा गया। बता दें कि रात में 12 बजे के बाद लखनऊ मेल, सत्याग्रह एक्सप्रेस, लखनऊ-नई दिल्ली सुपरफास्ट, सरयू यमुना एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस गुजरीं।
40 मिनट खड़ी रही किसान एक्सप्रेस
चाबी मैन की सूचना पर कंट्रोल ने रेल अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके बाद आनन-फानन में रेल पथ सुपरवाइजर अमर सिंह मीणा दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और चटकी पटरी पर जॉगल प्लेट बंधवाई। इसके बाद ट्रेनों को 30 किमी की गति से गुजारा गया। किसान एक्सप्रेस करीब 40 मिनट तक वहीं खड़ी रही। इसकी वजह से कुछ गाड़ियां पीछे के स्टेशनों पर रुकी रहीं। किसान एक्सप्रेस के रवाना होने के बाद दूसरी ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ। सुपरवाइजर अमर सिंह ने बताया कि पटरी पर जॉगल प्लेट बंधवाई गई। इसके बाद संचालन कराया गया।
पटरी पर पहले से बंधी थी जॉगल प्लेट
जहां पर पटरी चटकी थी, वहां पर जॉगल प्लेट पहले से बंधी थी। इसके साथ ही पटरी पर गड्ढा है, यह भी पटरी चटकने का कारण हो सकता है। वहीं जिस जगह पटरी चटकी वहां पर 52 किग्रा (किलोग्राम) की पटरी पड़ी है। बाकी सभी जगह 60 किग्रा के पटरी है। पटरी का भार कम होने की वजह से भी चटक जाती है। बता दें कि इसी जगह पर पिछले साल भी पटरी चटकी थी और किसान एक्सप्रेस रुकी थी।
रोजा-शाहजहांपुर के बीच कहीं भी कोई रेल पटरी नहीं चटकी है। उन्हें इसके बारे में कोई सूचना भी नहीं है।
- अरुण कुमार, रेल पथ निरीक्षक, रोजा