मकान का सौदा करने वालों से फोन पर बात के बाद मारी गोली, लिखकर बताया मौत का जिम्मेदार
बरेली। दादी की मौत के बाद शाहजहांपुर के युवक से कुछ जालसाजों ने उसका करीब 30 लाख रुपये कीमत का पुश्तैनी मकान अपने नाम करा लिया लेकिन बाद में पैसा देने से मुकर गए। शुक्रवार को युवक ने बरेली में अपनी रिश्ते की नानी के घर में खुद के सीने में गोली मारकर जान दे दी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। अभी किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी गई है।
प्रेमनगर के नरकुलागंज इलाके में विष्णु बाल सदन के पास रहने वाले रामप्रकाश ने बताया कि उनकी पत्नी की बहन का बेटा 21 वर्षीय रजत उर्फ मोनू शाहजहांपुर के कच्चा कटरा का निवासी था। पिता की बरसों पहले मौत के बाद रजत की मां ने दूसरी शादी कर ली थी। रजत की दादी सरकारी नौकरी से रिटायर हुई थीं और दोनों पुश्तैनी मकान में रहते थे जिसकी कीमत करीब 30 लाख थी। रामप्रकाश के मुताबिक रजत की दादी की हाल ही में कोरोना से मौत हो गई। नशे के आदी रजत ने अपने शाहजहांपुर के ही कुछ परिचितों से दादी के इलाज और तेरहवीं के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये ले लिए।
बाद में इनमें से ही कुछ लोगों ने उसके मकान का सौदा कर लिया। रजत ने दोस्त की मां के नाम मकान का बैनामा भी कर दिया हालांकि घर पर अभी उसी का कब्जा था। रजत करीब एक महीने से रामप्रकाश के घर में रह रहा था। उसने बाकी रकम एकमुश्त मांगी तो दूसरे पक्ष ने देने से इंकार कर दिया। करीब तीन दिन से रजत का इन लोगों से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को उसने मोबाइल से दोस्त की मां को कॉल की। माना जा रहा है कि उन्होंने रुपये देने से इंकार कर दिया। इसी दौरान रजत ने गाली देते हुए तमंचा निकालकर अपने सीने में गोली मार ली। वह लोग उसे अस्पताल ले गए जहां उसकी मौत हो गई। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि मामला आत्महत्या का ही है, अभी कोई तहरीर नहीं है।
ऑडियो में भी बताया आरोपी
रजत ने मरने से पहले ऑडियो में दोस्त और कुछ लोगों को अपनी हालत का जिम्मेदार बताया। वह कुछ दिन से तनाव में था। नाना रामप्रकाश के मुताबिक उसने लिखकर भी आरोपियों के नाम बताए हैं जो उसका रुपया हड़पकर बैठे हैं। मकान का सौदा कितने में हुआ, बैनामा कब हुआ, जैसे सवालों की अभी उन्हें जानकारी नहीं है।