कैंट बोर्ड प्रशासन ने अपने वायदे के मुताबिक छावनी महोत्सव के छठे दिन सोमवार को पुवायां-निगोही मार्ग के लिंक मार्ग का लोकार्पण करके उसे जन सामान्य के लिए खोल दिया। रोड पर आवागमन शुरू होने के साथ ही अशफाकनगर चौराहे पर भारी वाहनों से जाम लगने की समस्या कम होने लगी है।
पुवायां रोड पर पावर कारपोरेशन की बाईबाग आवासीय कालोनी के पूर्वी छोर से निकला सिंगल लेन वाला कोलतार रोड रामनगर होकर निगोही रोड पर गदियाना चुंगी के पास मिलता है। निगोही मार्ग के पुवायां जाने वाले और पुवायां रोड का निगोही की ओर जाने वाला ट्रैफिक शहर के अंदर आने के बजाय बाहर से निकल जाता था। तीन माह पहले बाईबाग के पीछे लिंक रोड के दोनों ओर तालाब से मिट्टी कटने पर कैंट बोर्ड ने वहां कंक्रीट की पुलिया बनवाई थी।
पुलिया का लिंटर सूखने के लिए जेई ने 26 दिन का वक्त मांगा जिस कारण कैंट बोर्ड को लिंक रोड पर ट्रैफिक रोकना पड़ा। इस कारण अशफाकनगर चौराहे पर ट्रकों-बसों से जाम लगने के साथ निगोही रोड पर सड़क हादसे भी बढ़ गए। दो सप्ताह पहले गदियाना के पास ट्रक की चपेट में आकर एक टैंपो चालक युवक की मौत होने पर लोगों ने वहां रोड जाम करके लिंक रोड जल्द खोले जाने की मांग की थी।
लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए छावनी महोत्सव की शुरुआत से पहले सीईओ ज्योति कुमार ने जनहित में लिंक रोड जल्द चालू कराने की घोषणा की थी। इसके लिए उन्होंने बोर्ड की बैठक में लिंक रोड का नाम गुरु तेगबहादुर मार्ग रखे जाने का प्रस्ताव पारित कराया। सोमवार को इसी नाम ने उन्होंने लिंक रोड का लोकार्पण किया तो रामनगर गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी भी गदगद हो उठे। उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में समारोह करके सीईओ ज्योति कुमार और उपाध्यक्ष अवधेश दीक्षित को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान अवतार सिंह मोंगा ने गुरुजी के नाम पर रोड का नामकरण कराने के लिए कैंट बोर्ड के सभी सदस्यों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।