द बार्डर अल्ट्रा रन में दौड़ लगाते पुवायां के गांव गुलौली के हरपाल सिंह। स्रोत : स्वयं
पुवायां। गांव गुलौली निवासी सुखचैन सिंह के पुत्र हरपाल सिंह ने द बार्डर अल्ट्रा रन 2025 में भाग लेकर 400 धावकों में 12वां स्थान प्राप्त किया है। हरपाल ने इस कठिन रेगिस्तानी दौड़ को पूरा किया और इसे ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित किया है।
1971 के ऐतिहासिक लोंगेवाला युद्ध को समर्पित यह रेस कठिनाइयों के मामले में दुनिया की चुनिंदा अल्ट्रा रन में गिनी जाती है। हरपाल सिंह ने बताया कि जैसलमेर में होने वाली यह रेस दोपहर 12 बजे शुरू होती है जब तापमान काफी अधिक होता है। रेतीले टीले, ऊबड़-खाबड़ रास्ते, लगातार चढ़ाई और ढलान, सूरज ढलते ही तापमान का अचानक नीचे चला जाना धावकों को हौंसलों को तोड़ने का प्रयास करता है। हरपाल ने दोपहर 12 बजे से शुरू कर रात 11 बजे 160 किमी लंबी रेस को पूरी किया। वह 400 प्रतिभागियों में 12वें स्थान पर रहे।
हरपाल नोएडा की एक कंपनी में इंजीनियर हैं। हरपाल की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। हरपाल ने बताया कि वे अपने व्यस्ततम समय में से रोजाना सुबह एक घंटा निकालकर अभ्यास करते हैं।