बुधवार को पुवायां के ब्लाक सभागार में हुई प्रधान संघ की बैठक में प्रधानों से जुड़ी समस्याओं पर विचार किया गया। बैठक के बाद प्रधानों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली का आरोप लगाते हुए सूचियां जलाकर रोष जताया।
बैठक में प्रधानों ने कहा कि खुले में शौच मुक्त करने के लिए चयनित गांवों में डेढ़ से दो सौ शौचालय बनाए जाने की तैयारी है। जबकि अन्य गांवों में भी शौचालयों की बड़ी कमी है। दूसरे गांवों में भी शौचालयों का निर्माण कराया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2011 में कराए गए सर्वे के आधार पर आवासों के पात्रों की सूची पर प्रधानों ने कड़ा एतराज जाहिर किया। गांव करनापुर के प्रधान ने कहा कि सूची में उनके गांव में ऐसे तमाम नाम दर्शा दिए गए हैं, जो पहले चीनी मिल में कर्मचारी रह चुके हैं। रिटायर होने के बाद अब बिहार व अन्य प्रदेशों में अपने घर जा चुके हैं। समुलिया के प्रधान मेवाराम ने कहा कि उनके गांव के तीन मंजिला मकान वालों के नाम पात्रता सूची में शामिल हैं। इसी प्रकार जेबा के भी तमाम अपात्र सूची में शामिल हैं। प्रधानों ने गांव में खुली बैठक कर फिर से सूची बनवाए जाने की मांग की। बीडीओ रामगोपाल वर्मा ने प्रधानों को बताया कि 2011 की जनगणना के आधार पर सूची जारी कर पात्र लोगों को आवास दिए जाने की योजना है। सूची में शामिल सभी लोगों को आवास नहीं मिलेंगे। इसके बाद प्रधानों ने ब्लाक परिसर में सूची को जलाया। बैठक में प्रधान संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद्र दीक्षित, संरक्षक ब्रह्मानंद मिश्रा, संजीव मिश्रा, धीरज मिश्रा, मेवाराम, राजीव कटियार, अरविंद मिश्रा, वेदपाल, पुष्पा देवी, परमजीत सिंह, संजय कुमार सहित तमाम प्रधान मौजूद रहे।