शाहजहांपुर। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में अभी तक केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को शामिल किया जाता था, जो शुरुआत में भुगतान करने के बाद किसी कारणों से मासिक बिलों की अदायगी नहीं कर सके। कनेक्शन लेने के बाद से एक बार भी बिल जमा नहीं करने वालों के कनेक्शन काटने का प्रावधान निगम के प्रबंधन ने बदल दिया है। अब ओटीएस के दायरे ने वह उपभोक्ता भी लाए जाएंगे, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद से कभी बिल का भुगतान नहीं किया।
अभियंताओं का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार उपभोक्ताओं के साथ 30 नवंबर तक प्रभावी रहने वाली ओटीएस अवधि में कोई सख्ती नहीं की जाएगी और इसीलिए कटिया कनेक्शन पकड़े जाने पर भी ऐसे मामलों में एफआईआर कराने के बजाय कनेक्शनों का नियमितीकरण किया जा रहा है। खास यह है कि गत 23 अक्तूबर से बिजली बिलों पर सरचार्ज में छूट देने को शुरू हुई इस योजना में अभी बमुश्किल पांच फीसदी बकाएदार उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है।
योजना की लचर प्रगति का अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि जनपद के विभिन्न वितरण खंडों में ओटीएस के दायरे में आने वाले ऐसे 271157 उपभोक्ता हैं, जिन पर सरचार्ज समेत 346.57 करोड़ रुपये बिजली राजस्व बकाया है। उपखंड अभियंता (शहर) अभिषेक राय के अनुसार शहर के एक लाख उपभोक्ताओं में लगभग 26000 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर दो करोड़ रुपये से अधिक राजस्व बकाया है, लेकिन अभी तक पंजीकरण केवल पांच हजार उपभोक्ताओं ने कराया है।
ग्रामीण क्षेत्र के वितरण खंडों में ओटीएस की प्रगति ज्यादा दयनीय है। वितरण खंड प्रथम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता रंजीत कुमार सिंह के उनके डिवीजन में 83000 घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ता हैं और उनमें केवल 67000 उपभोक्ता बिलों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।
योजना के दायरे में लाने में ऐसे 22000 उपभोक्ता चिह्नित किए हैं, जिन पर 500 रुपये अथवा इससे अधिक बिजली राजस्व बकाया है, लेकिन अभी तक मुश्किल से दो फीसदी बकाएदार उपभोक्ताओं ने ओटीएस में पंजीकरण कराया है। पुवायां, जलालाबाद और तिलहर वितरण खंडों में तमाम बकाएदार उपभोक्ता ओटीएस की उपेक्षा कर रहे हैं।
मध्यांचल विद्युत निगम के नवीनतम आदेश के अनुसार अब एक रुपये से एक लाख रुपये तक अधिभार बकाया वाले उपभोक्ताओं को ओटीएस का लाभ दिया जाएगा। बकाएदार घरेलू उपभोक्ताओं को ओटीएस मेें पहली बार छह किश्तों में बिल भुगतान की सुविधा दी जा रही है और पंजीयन बढ़ाने के लिए इस सुविधा का उपभोक्ताओं में प्रचार कराया जा रहा है।
- रंजीत कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण निगम