शाहजहांपुर। 2017 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट जीतने वाली समाजवादी पार्टी इस बार पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार है। हर विधानसभा सीट पर सबसे सशक्त प्रत्याशी फाइनल करने के लिए हाईकमान अंदरूनी सर्वे करा रहा है। हर विधानसभा सीट से टिकट के लिए आवेदन पूरे किए जा चुके हैं। फाइनल मोहर लगनी बाकी है।
2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने छह में से तीन (ददरौल, कटरा और पुवायां) सीट जीत हासिल हुई थी। सरकार ने पांच साल पूरे किए, लेकिन 2017 में सपा को जनता ने नकार दिया। जलालाबाद से 2012 में मामूली अंतर से हारे सपा के शरदवीर सिंह ने 2017 में पार्टी को इकलौती सीट दिलाई थी। चुनाव में सभी प्रत्याशियों में सबसे अधिक वोट नगर सीट से तनवीर खां को मिले थे।
2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी सीटों पर पार्टी की तैयारी फाइनल हो रही है। पार्टी की ओर से फरवरी में ही प्रत्याशियों के आवेदन पूरे हो गए थे। जलालाबाद में सिटिंग विधायक होने के कारण वहां से कोई आवेदन नहीं है। नगर, ददरौल, पुवायां से पांच-पांच लोगों ने आवेदन किया था। नगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी जिलाध्यक्ष तनवीर खां दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। यहां से किसका टिकट फाइनल होता है, यह देखना रोचक होगा।
सबसे अधिक आवेदन तिलहर सीट से किए गए हैं। यहां से 20 लोगों ने चुनाव लड़ने के लिए सपा से टिकट मांगा है। कटरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक राजेश यादव सपा प्रत्याशी माने जा रहे हैं। यहां से उनके अलावा किसी का आवेदन नहीं भेजा गया है। जिलाध्यक्ष तनवीर खां की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र देकर आवेदन पार्टी हाईकमान को भेजे जा चुके हैं। इनके अलावा अगर किसी को टिकट सिर्फ पार्टी हाईकमान दे सकती है।
पुवायां, नगर और ददरौल में कई प्रत्याशी
पुवायां, नगर और ददरौल सीट में कई संभावित प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। अधिकतर खुद का टिकट फाइनल होने की बात कहते हुए जनता के बीच जा रहे हैं। टिकट किसी एक प्रत्याशी का ही फाइनल होगा। ऐसे में समय और रुपये खर्च कर रहे अन्य प्रत्याशी बगावत भी कर सकते हैं। इन परिस्थितियों में पार्टी की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि टिकट फाइनल होने के बाद प्रत्याशी को सभी मिलकर लड़ाएंगे। मुखालफत करने वालों पर अनुशासनहीनता के तहत कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पार्टी का अंदरूनी सर्वे भी जारी
टिकट के लिए आवेदन करने वालों का अंदरूनी सर्वे भी सपा का राष्ट्रीय हाईकमान अपने स्तर से करा रहा है। इसमें प्रत्याशी की जनता के बीच छवि और चुनाव लड़ने की गंभीरता को परखा जा रहा है। अंतिम निर्णय हाईकमान लेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी की प्रत्याशी अचानक भाजपा में शामिल हो गईं थीं। इसके मद्देनजर पार्टी बहुत सोच-समझकर टिकट फाइनल करेगी।
विधानसभा क्षेत्रों में लोग सपा सरकार में कराए गए कार्य और योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं। जब तक टिकट फाइनल नहीं हो जाता तब तक लोग प्रचार कर सकते हैं। टिकट निश्चित होने के बाद सभी मिलकर प्रत्याशी को लड़ाएंगे। तब प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने पर अनुशासनहीनता मानते हुए हाईकमान को रिपोर्ट भेजी जाएगी। पार्टी एकजुट होकर सभी सीटों पर प्रत्याशी जिताएगी।
- तनवीर खां, जिलाध्यक्ष, सपा।