मीरानपुर कटरा। सहमापुर गांव में मायके में रह रही विवाहिता छाया की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में शुक्रवार को ससुराल पक्ष ने उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने छाया के पिता अजय पाल सिंह की निशानदेही पर उसकी चिता से जली हुईं अस्थियां डीएनए जांच के लिए अपने कब्जे में ले लीं हैं। पिता, मां बेबी उर्फ बब्बो और चाचा रंजीत को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
छाया की शादी छह माह पहले जैतीपुर क्षेत्र के गांव पलिउरा निवासी राजकुमार उर्फ शंकर के साथ हुई थी। वह पति के साथ पंजाब में एक ईंट भट्ठे पर रहती थी। करीब 15 दिन पहले छाया को उसका पति उसके मायके छोड़ गया था। बृहस्पतिवार को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अजय पाल ने पुलिस को सूचना दिए बगैर उसका शव भाई और भतीजे की मदद से कार में रखकर नदी किनारे ले गए और वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस को अजय पाल ने बताया कि पुत्री की सर्पदंश से मौत हो गई थी।
छाया की मां ने पुलिस को बताया कि एक अन्य महिला से संबंध होने के कारण उनके दामाद का पुत्री से आए दिन विवाद होता था। दूसरी ओर, पलिउरा निवासी चंद्रसेन ने थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि उनकी भाभी छाया की हत्या करके शव कार से ले जाकर गायब कर दिया गया है। इस पर पुलिस ने छाया के माता-पिता के अलावा उसके चाचा को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस को अजय पाल ने बताया कि पुत्री छाया की शादी उसकी मर्जी से की थी।
अजय पाल के अनुसार बृहस्पतिवार को सुबह छाया की मोबाइल पर अपने पति से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद छाया ने कमरे की छत में लगे पाइप में दुपट्टा बांधकर गले में फंदा लगा लिया। फंदा लगने से उसकी मौत होने पर शव को कार से ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
सीओ ज्योति यादव ने भी थाने जाकर मामले की जानकारी लेने के साथ छाया के परिजनों के बयान दर्ज किए। प्रभारी निरीक्षक जुगल किशोर पाल ने बताया कि चिता से कब्जे में ली गई अस्थियों को दिल्ली भेजकर उनकी डीएनए जांच कराई जाएगी। उन्हाेंने बताया कि पंजाब से छाया के पति राजकुमार ने मोबाइल पर सूचना दी है कि वह पत्नी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने आ रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार जांच-पड़ताल के बाद ही रिपोर्ट लिखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को बरगलाते रहे परिजन
महिला की मौत के बारे में सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को आरोपी पिता लगातार बरगलाता रहा। पिता अजय पाल ने पुलिस को पहले बताया कि छाया को सांप ने डस लिया था। मौत होने पर शव को मिर्जापुर में गंगा नदी के ढाई घाट पर जलप्रवाह कर दिया। पुलिस ने अजय पाल और उसकी पत्नी बेबी से अलग-अलग पूछताछ की। तब जलालाबाद के याकूबपुर के पास अंतिम संस्कार की बात कही। इसके बाद पुलिस ने अजय पाल के भाई रंजीत सिंह से पूछताछ की तो पता चला कि जैतीपुर में बहगुल नदी के मढ़ई घाट पुल के पास छाया को जल प्रवाहित किया है। कड़ाई से पूछताछ करने पर सामने आया कि मढ़ई घाट के पास चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। बाद में पुलिस ने अजय पाल की निशानदेही पर मढ़ई घाट के पास जली चिता से अस्थियों को बरामद कर लिया।